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आनंदपुर में कथित मलेरिया से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, कुछ दिनों में बीमारी से तीसरी मौत से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया से मौत की नहीं की आधिकारिक पुष्टि, क्षेत्र में पहले भी बुखार से दो बच्चियों की हो चुकी है मौत



मनोहरपुर: गोइलकेरा सीएचसी अंतर्गत आनंदपुर प्रखंड के रूँगीकोचा पंचायत के गुडीउली गांव (स्कूल टोला) निवासी 80 वर्षीय प्रभुसाय जोजो की सोमवार सुबह कथित तौर पर मलेरिया से मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और स्थानीय स्तर पर उनका इलाज चल रहा था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी मौत का कारण मलेरिया होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।


मृतक के पुत्र गाबरीयल जोजो ने बताया कि पिता की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को उन्हें प्रखंड क्षेत्र के एक स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया था। वहां किट के माध्यम से मलेरिया की जांच की गई, जिसमें उन्हें मलेरिया पॉजिटिव बताया गया। इसके बाद दवाइयों के साथ उनका इलाज शुरू किया गया। परिजनों के अनुसार इलाज के दौरान सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद घर पर उनका निधन हो गया।


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही आनंदपुर प्रखंड के गोइलकेरा सीएचसी क्षेत्र के पहाड़डीहा गांव में बुखार से पीड़ित दो मासूम बच्चियों की भी मौत हुई थी। पहाड़डीहा निवासी सुदीन मुर्मू की सात वर्षीय पुत्री दीपिका मुर्मू ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया था, जबकि उससे एक दिन पहले सोमवार रात अर्नन्स किस्कू की 12 वर्षीय पुत्री लता किस्कू की मौत हुई थी। बताया गया था कि दोनों बच्चियां कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं।


एक ही गांव में दो बच्चियों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया था। मनोहरपुर और गोइलकेरा सीएचसी की संयुक्त स्वास्थ्य टीम ने पहाड़डीहा पहुंचकर विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया था। इस दौरान ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लेकर मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों की जांच की गई और जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां भी वितरित की गई थीं।


अब प्रभुसाय जोजो की मौत सामने आने के बाद प्रखंड क्षेत्र में हाल के दिनों में बीमारी से मौत का आंकड़ा तीन पहुंच गया है। हालांकि इन तीनों मौतों का कारण मलेरिया ही है, इसकी स्वास्थ्य विभाग ने अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लगातार सामने आ रही मौतों से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत और चिंता का माहौल है। वहीं लोग स्वास्थ्य विभाग से व्यापक जांच, नियमित स्वास्थ्य शिविर और प्रभावी रोकथाम उपायों की मांग कर रहे हैं।

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