top of page

180 से ज्यादा जिंदगियों के बीच मौत से मुकाबला, भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी

लेखक की तस्वीर: Rahul
Rahul
13 घंटे पहले
1 मिनट पठन

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर था और हालात बेहद गंभीर हो चुके थे।


गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने में सहायता की। विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग हुई।



मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के पास 9,500 से 10,000 घंटे के करीब उड़ान अनुभव बताया गया है। वे करीब 11 साल स्पाइसजेट में रहे और जून 2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं।


उनकी सूझबूझ और साहस की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से सराहना की है। यह घटना दिखाती है कि संकट की घड़ी में एक पायलट का साहस और त्वरित निर्णय कितनी जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

टिप्पणियां


bottom of page