नुलाइफ अस्पताल में मरीज के दस्तावेजों में दूसरे व्यक्ति की जांच रिपोर्ट मिलने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर स्थित नुलाइफ अस्पताल में श्रीमती अमरीता जायसवाल के इलाज के दौरान दूसरे व्यक्ति के नाम की जांच रिपोर्ट मिलने का मामला सामने आया है। मरीज के परिजन मिथुन कुमार जायसवाल ने सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, चाईबासा को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष चिकित्सकीय एवं विभागीय जांच कराने की मांग की है। परिजनों ने इस संबंध में 5 अक्टूबर को चक्रधरपुर थाना में भी लिखित शिकायत दी थी।

आवेदन के अनुसार, अमरीता जायसवाल को 1 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें यूरिन इन्फेक्शन होने की जानकारी दी गई। लेकिन उपचार से संबंधित दस्तावेजों में लाइफ डायग्नोस्टिक की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें मरीज का नाम ‘मिस्टर सूरज प्रधान’, उम्र 31 वर्ष और लिंग पुरुष दर्ज है। वहीं, अमृता के नाम से कुमुद्स लैब, चाईबासा की यूरिन जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध है। परिजनों ने दोनों रिपोर्टों की प्रामाणिकता और उपचार में उनके इस्तेमाल की जांच की मांग की है।

परिजनों ने अस्पताल की लैब व्यवस्था, बाहरी प्रयोगशालाओं की वैधता, रिपोर्ट के क्यूआर कोड, सैंपल कलेक्शन से रिपोर्ट जारी होने तक की प्रक्रिया, मरीज के वाइटल रिकॉर्ड, बिलिंग और पूर्ण डिस्चार्ज समरी की भी जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, 1 से 5 अक्टूबर तक के संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है।

इधर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया है। चिकित्सक डॉ. बक्शी के अनुसार, मरीज का सही इलाज किया गया। उन्होंने दस्तावेजों में दूसरी रिपोर्ट आने की वजह क्लर्क द्वारा दस्तावेजों के संकलन में हुई गलती को बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल मरीजों की जांच निजी लैब से कराता है और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उपचार किया जाता है।
फिलहाल, मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही रिपोर्ट संबंधी विसंगतियों और उपचार प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





टिप्पणियां