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अडानी पावर कोल ब्लॉक के खिलाफ जेएलकेएम ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 22 सित॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

 न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : हजारीबाग जिला बड़कागांव प्रखंड गोंदलपुरा कोल ब्लॉक अंतर्गत मेसर्स अडानी पावर कोल ब्लॉक के खिलाफ पिछले अप्रैल माह से आंदोलनरत  रैयत ग्रामीण जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में विजय कुमार साहू, विनय कुमार, वैद्यनाथ राय, मुजीबुरहमान अंसारी, कमलेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सात सदस्य प्रतिनिधिमंडल महामहामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है.

    मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि 40% खनिज संपदा वाले झारखंड राज्य में बिना ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों के सहमति के बिना अवैध खनन कार्य पर रोक लगाया जाय. अडानी, अंबानी, टाटा, बिड़ला झारखंड को बपौती न समझें अन्यथा झारखंड से बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा. पूंजीपतियों  के मनमानी के वजह से ही झारखंडी मूलवासी पलायन के लिए मजबूर हैं अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा.

   साथ ही उन्होंने बताया कि हजारीबाग जिला बड़कागांव प्रखंड गोंदलपुरा में कोल खनन को लेकर मेसर्स अडानी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को आवंटित लगभग 551एकड़  रैयती जमीन, लगभग  542 एकड़ वनभूमि  तथा लगभग 173 एकड़ गैर मैजरुआ जमीन है. कुल लगभग  1268 एकड़ जमीन पर अवैध तरीके से कोल खनन करने का प्रस्ताव है जिसका ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों से सहमति भी नहीं लिया गया है. ग्रामीण के संवैधानिक आवाज को कुचलने के लिए निर्दोष फर्जी मुकदमा किया जा रहा है, 6 निर्दोष ग्रामीण को जेल भी भेजा जा चुका है.

   साथ ही उन्होंने बताया कि राज्यपाल से ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया कि गोंदलपुरा क्षेत्र बहु फसलें उपजाऊ क्षेत्र हैं, घनी जंगल क्षेत्र में हाथी के अलावा अन्य वन्य जीवजंतु और मनुष्य का जीवन अस्त व्यस्त हो जायेगा, इसीलिए ग्रामीण के सहमति के बैगर अवैध खनन करने वाले कंपनी पर रोक लगाया जाय.

राज्यपाल संतोष गंगवार ने मामला को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले का समाधान को लेकर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को लिखित रूप से अवगत कराएंगे.

 

 

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