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कौन हैं जनता के करोड़ों रूपए हड़पने वाले चंदर सिंह और प्रियंका सिंह ? कैसे आएं ईडी के शिकंजे में, पढ़िए सनसनी खेज खबर

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 18 दिस॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में मेसर्स मैक्सिजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया है. दोनों पिछले तीन साल से फरार चल रहे थे. पति-पत्नी पर राज्य की जनता के गाढ़ी कमाई हड़पने का आरोप है. मल्टी-लेवल मार्केटिंग के माध्यम से चंदर सिंह और उनकी पत्नी पर जनता के 307 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है. ईडी चंदर ने भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी को विशेष न्यायालय रांची (पीएमएलए) द्वारा 5 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है.

आकर्षक लाभ का झांसा देकर जनता की जमा की करोड़ों की राशि

 ईडी की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने एक धोखाधड़ी वाली मल्टी-लेवल मार्केटिंग योजना चलाई, जिसमें आम जनता को ऊंचे मासिक रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभ का वादा करके लुभाया गया. इस तरीके से उन्होंने कम से कम 21 बैंक खातों में 307 करोड़ रुपए से ज्यादा की अनधिकृत जमा राशि इकट्ठा की, जिससे भारी मात्रा में अपराध की कमाई हुई. बाद में जनता के पैसे लेकर दोनों पति-पत्नी चंदर भूषण सिंह और प्रियंका सिंह फरार हो गए. पिछले तीन वर्षों से वे जानबूझकर झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बच रहे थे. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेनामी लेनदेन के जरिए कई रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदकर और जमा राशि को नगदी में बदलकर अवैध धन को वैध करने की कोशिश की. अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए, अपराधियों ने 'दीपक सिंह' जैसे नकली नामों और जाली पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहे.

ईडी ने झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में पुलिस अधिकारियों द्वारा कंपनी और उसके डायरेक्टरों के खिलाफ जनता को धोखा देने के लिए दर्ज की गई कई फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी. ईडी ने इस मामले में पहले 16 सितंबर और 3 दिसंबर को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार), मेरठ, रांची और देहरादून में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था. यह तलाशी पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के प्रावधानों के तहत की गई थी.

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने नकली पहचान पत्र, हाथ से लिखे नोट्स और डायरी जिसमें महत्वपूर्ण वित्तीय और नकद लेनदेन का विवरण था, 10 लाख रुपए से अधिक नकद, सहयोगियों का विवरण, विभिन्न संस्थाओं की चेक बुक, लैपटॉप और मोबाइल फोन के रूप में डिजिटल सबूत, यूएसडीटी 15,000 की क्रिप्टोकरेंसी और बड़ी संख्या में रियल एस्टेट संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और समझौते बरामद और जब्त किए.

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