विशेष बच्चों के लिए सृजन महिला विकास मंच का सराहनीय प्रयास, डिजिटल लर्निंग सेंटर का उद्घाटन
- Jay Kumar

- 26 मार्च
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित आशा किरण मूकबधिर विद्यालय में सृजन महिला विकास मंच द्वारा आयोजित वार्षिक महोत्सव बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त चंदन कुमार मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्वेता भारती, सहायक निदेशक खुस्वेंदर केशरी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी मार्कोस हेम्ब्रोम, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी सहित कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि विशेष बच्चों के लिए सृजन महिला विकास मंच द्वारा किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संस्था के समर्पण की प्रशंसा करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग मिलता रहेगा।

इस मौके पर विद्यालय में डिजिटल लर्निंग सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। इस नई पहल से विशेष बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा, जिससे उनके सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें उनकी रचनात्मकता और कौशल की झलक देखने को मिली। वहीं, स्वागत गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अतिथियों और दर्शकों का दिल जीत लिया।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्वेता भारती ने अपने संबोधन में कहा कि विशेष बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने में समाज और संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज कल्याण विभाग ऐसे प्रयासों को लगातार समर्थन देता रहेगा।

सहायक निदेशक खुस्वेंदर केशरी ने भी संस्था की सराहना करते हुए कहा कि आशा किरण मूकबधिर विद्यालय विशेष बच्चों के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है, जहां उन्हें शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देती हैं।

संस्था की सचिव नरगिस खातून ने बताया कि सृजन महिला विकास मंच पिछले 15 वर्षों से इस विद्यालय का सफल संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए विशेष बच्चों को शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास से जोड़ने का कार्य किया है। प्रशासन और विभिन्न विभागों से मिले सहयोग के कारण ही संस्था निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही है।

पूरे कार्यक्रम में बच्चों का आत्मविश्वास, प्रतिभा और उत्साह देखने लायक रहा। यह वार्षिक महोत्सव न केवल बच्चों के लिए खुशी का अवसर बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर विशेष बच्चे भी अपनी प्रतिभा से समाज को प्रेरित कर सकते हैं।





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