खाड़ी युदध् का कितना असर, गांव-शहर में भी किरोसिन से स्टोव पर बनेगा खाना, केंद्र सरकार ने क्या-क्या लिया फैसला, पढ़िए पूरी खबर
- Upendra Gupta
- 3 घंटे पहले
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न्यूज डेस्क
रांची ( RANCHI) : ईरान पर इज़राइल और अमेरिकी हमलों से शुरू हुए मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण दुनिया भर में पर पेट्रोलियम उत्पादों पर संकट गहराने लगा है. जिसका सीधा असर गैस और तेल सप्लाई पर हो रहा है.

प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में बृद्धि
भारत में फिलहाल तेल और गैस की कीमतों में बृद्धि नहीं हुई है, लेकिन देश में तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमत आज 20 मार्च से ₹2.35 तक बढ़ा दी है, ANI के मुताबिक, BPCL के स्पीड, HPCL के पावर और IOCL के XP95 की कीमतें ₹2.09 से बढ़ाकर ₹2.35 प्रति लीटर कर दी गई हैं. इसके अलावा, औद्योगिक डीजल के ऊपर 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है.
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि नॉर्मल पेट्रोल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, यह आम लोगों के लिए वैसी ही रहेगी...सिर्फ प्रीमियम कैटेगरी में बढ़ोत्तरी की गई है., यह पूरे पेट्रोल का मुश्किल से 2-4 परसेंट है.ग्रामीण क्षेत्रों में किरोसिन तेल की होगी सप्लाई
दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए राज्यों को केरोसिन तेल का वितरण करने का फैसला लिया है. इसी आदेश पर झारखंड सरकार की ओर से हर जिले के लिए केरोसिन तेल का आवंटन दिया गया है.केरोसिन तेल का वितरण जनवितरण प्रणाली दुकानों से किया जाएगा. यह केरोसिन तेल सभी प्रकार के कार्डधारियों को मिलेगा. इसके लिए कार्डधारक को राशि भुगतान करना होगा.करीब 70 रुपये प्रति लीटर की दर से केरोसिन तेल दिया जाएगा. पहले आओ और पहले पाओ के तहत केरोसिन तेल का वितरण होगा.

ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी महंगा
तेल-गैस की संकट को देखते हुए ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनियों ने भी प्लेटफॉर्म फीस में बृद्धि कर दिया है, जिससे ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है. कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 19.2त्न की भारी वृद्धि करने का फैसला किया है. अब ग्राहकों को प्रत्येक ऑर्डर पर 14.90 रुपये (जीएसटी से पहले) की प्लेटफॉर्म फीस चुकानी होगी, जो पहले 12.50 रुपये थी. यह नया बदलाव 20 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है.
मार्केट में ज़ोमैटो की मुख्य प्रतिद्वंदी कंपनी स्विगी भी वर्तमान में टैक्स सहित लगभग 14.99 रुपये की प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है. हालांकि, इस बार बाजार में एक नया खिलाड़ी रैपिडो अपनी फूड डिलीवरी सर्विस ओनली के साथ उतरा है. रैपिडो ने दावा किया है कि वह ग्राहकों से डिलीवरी फीस के अलावा कोई अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फीस नहीं लेगा, जिससे मौजूदा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है.
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और परिचालन लागत में वृद्धि को माना जा रहा है. ईंधन महंगा होने से डिलीवरी ऑपरेशन्स पर सीधा असर पड़ता है. इसके अलावा, कंपनियां अब केवल ऑर्डर वॉल्यूम के बजाय प्रति ऑर्डर होने वाली कमाई पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं.
ग्राहकों पर असर
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो छोटे मूल्य के ऑर्डर (जैसे 150 से 300 रुपये) करते हैं. अब बिल में डिलीवरी चार्ज, रेस्टोरेंट चार्ज और त्रस्ञ्ज के साथ-साथ रुपये 14.90 की प्लेटफॉर्म फीस जुड़ जाने से खाने की कुल कीमत काफी बढ़ जाएगी. यहां तक कि ज़ोमैटो गोल्ड मेंबर्स को भी, जिन्हें फ्री डिलीवरी की सुविधा मिलती है, यह प्लेटफॉर्म फीस अनिवार्य रूप से देनी होगी.





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