जिस कमरे में सपनों की उड़ान भर रहा था अभिषेक, वहीं मिली जिंदगी की आखिरी तस्वीर; आश्रम स्कूल में 14 वर्षीय छात्र ने दी जान
- Rahul
- 2 घंटे पहले
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बिसरा: जिस उम्र में बच्चे किताबों और खेल-कूद के बीच अपने भविष्य के सपने बुनते हैं, उसी उम्र में बिसरा के एरला आश्रम स्कूल में एक 14 वर्षीय छात्र की मौत ने सभी को झकझोर दिया। मंगलवार तड़के आठवीं कक्षा के छात्र अभिषेक मिंज का शव आश्रम के कमरे में पंखे से लटका मिला। घटना की खबर फैलते ही पूरे स्कूल परिसर में सन्नाटा और हलचल का माहौल बन गया।
बम्बूआ पंचायत के अंतर्गत आने वाले एरला आश्रम स्कूल में अंकुरपाली गांव निवासी अभिषेक मिंज रहकर पढ़ाई करता था। बताया गया कि सुबह कमरे में मौजूद अन्य छात्र जब नींद से उठे तो उनकी नजर अभिषेक पर पड़ी। वह पंखे से गमछे के सहारे लटका हुआ था। यह देखकर छात्रों के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं को घटना की जानकारी दी।
स्कूल प्रबंधन ने मामले की सूचना बिसरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

आखिर क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?
अभिषेक ने यह कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिवार, स्कूल प्रबंधन और पुलिस के सामने यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि आखिर 14 साल के इस बच्चे के मन में ऐसा क्या चल रहा था, जिसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी।
अभिषेक के पिता कार्मा मिंज ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और बेटे की मौत के पीछे छिपे कारणों का पता लगाने की मांग की है। पुलिस अब घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।
एक मासूम छात्र की अचानक मौत ने आश्रम स्कूल के माहौल को गमगीन कर दिया है। घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके भावनात्मक और मानसिक हालात पर कितनी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





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