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पिता ने बेटे की याद में लगाए दो पेड़, संरक्षण का लिया संकल्प, बेटे की याद में हर साल पौधारोपण, पेड़ों में देखते हैं अंकित की तस्वीर

लेखक की तस्वीर: Rahul
Rahul
1 दिन पहले
2 मिनट पठन

चक्रधरपुर: किसी अपने को खोने का दर्द शायद कभी खत्म नहीं होता... लेकिन चक्रधरपुर के एक पिता ने अपने बेटे की याद को जिंदा रखने का ऐसा रास्ता चुना है, जो समाज और पर्यावरण दोनों के लिए मिसाल बन रहा है।


23 सितंबर को स्वर्गीय अंकित पाण्डेय की जयंती के अवसर पर अंकित मेमोरियल संस्था की ओर से चक्रधरपुर आरई कॉलोनी पी ब्लॉक इलाके में स्थित रेलवे महात्मा गांधी पार्क में पौधारोपण किया गया। संस्था के संस्थापक और अंकित के पिता एके पाण्डेय ने अपने बेटे की स्मृति में दो पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान उनके साथ नागेश्वर प्रधान, अनवर खान, और रणविजय कुमार सहित महात्मा गांधी पार्क के केयर टेकर सानु लामा मौजूद रहे।


चक्रधरपुर के रेलवे महात्मा गांधी पार्क में अंकित की याद में कटहल और जामुन के पौधे लगाये गए। खास बात यह रही कि संस्था के द्वारा भारी बारिश के बीच पौधारोपण का यह कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पौधारोपण किया गया और पौधों को पानी देकर इनके संरक्षण का प्रण लिया गया।



अंकित मेमोरियल के संस्थापक एके पाण्डेय ने कहा कि 23 सितंबर उनके बेटे अंकित पाण्डेय की जयंती है। बेटे की याद में वे हर साल पौधारोपण करते हैं। अब तक वे कई पौधे लगा चुके हैं, जिनमें से कई पेड़ बन चुके हैं। ये पेड़ आज लोगों को छाया देने के साथ फल भी दे रहे हैं।


उनके लिए ये सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि बेटे की यादों का जीवंत प्रतीक हैं। एके पाण्डेय कहते हैं कि जब वे लगाए गए पौधों को धीरे-धीरे बड़ा होते देखते हैं, तो उन्हें खुशी मिलती है। इन पेड़ों में उन्हें अपने बेटे अंकित की तस्वीर नजर आती है। यही पेड़ उन्हें बेटे की कमी से मिले दर्द को सहने की ताकत भी देते हैं।



एक पिता ने बेटे की याद को सिर्फ तस्वीरों और यादों तक सीमित नहीं रखा... बल्कि उसे पेड़ों के रूप में धरती पर जिंदा रखने की कोशिश की है। हर साल लगाया गया एक पौधा, उनके लिए अंकित की स्मृति को आगे बढ़ाने का संकल्प बन गया है।


एक पिता का बेटे के प्रति इस प्रेम भावना को देखकर यही कहा जा सकता है कि... बेटा भले ही आज उनके साथ नहीं है, लेकिन उसकी याद में लगाए गए एक-एक पेड़ आज भी पिता के दिल में बेटे की मौजूदगी का एहसास करा रहे हैं।

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