सदियों पुरानी परंपरा के बीच मां पाउड़ी की त्रिवार्षिक जंताल पूजा संपन्न

राजदरबार से गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा, 184 मौजा के श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, विधायक जगत माझी ने मांगा आशीर्वाद

आनंदपुर: पश्चिम सिंहभूम के आनंदपुर प्रखंड में शनिवार को सदियों पुरानी धार्मिक और पारंपरिक आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। राजपरिवार की इष्ट देवी मां पाउड़ी की त्रिवार्षिक जंताल पूजा पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। पूजा को लेकर सुबह से ही क्षेत्र भक्तिमय बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे।
पूजा की शुरुआत राजपरिवार के आवासीय परिसर स्थित मां पाउड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मां पाउड़ी की विग्रह को पारंपरिक पालकी में विराजमान कर गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जो बाजारटांड़ स्थित मंदिर पहुंची। हरकारा पालकी के आगे चलकर मां के आगमन की सूचना देता रहा, जबकि रास्ते में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए।

मंदिर पहुंचने के बाद पुरोहित आदित्य नंदा, पुनीत नंदा एवं सुमित नंदा ने पूजा, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि, अच्छी वर्षा और बेहतर फसल की कामना की गई।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने भी मंदिर पहुंचकर मां पाउड़ी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। देर रात धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद मां की विग्रह को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ राजदरबार वापस ले जाया गया।
राजपरिवार के अनुसार आनंदपुर में मां पाउड़ी की पूजा करीब 800 वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा से आनंदपुर समेत 184 मौजा के लोगों की आस्था जुड़ी है। पूजा में राजपरिवार के सदस्यों, पुरोहितों, देहुरियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन भी मुस्तैद रहा।





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