top of page

23 साल बाद झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में नेतृत्व परिवर्तन, डॉ. प्रदीप वर्मा अध्यक्ष और शबाना रब्बानी बनीं सचिव

लेखक की तस्वीर: Rahul
Rahul
12 मिनट पहले
2 मिनट पठन

नई कमेटी से राज्य में फुटबॉल के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद



रांची (ब्यूरो): झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन में करीब 23 साल बाद नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा को एसोसिएशन का नया अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। वहीं, शबाना रब्बानी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लंबे अंतराल के बाद हुए इस बदलाव को झारखंड में फुटबॉल के विकास की दिशा में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।


नई कमेटी के गठन से राज्य के फुटबॉल खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और विभिन्न जिला फुटबॉल संघों में नई उम्मीद जगी है। हालांकि, नए नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन उम्मीदों को धरातल पर उतारने की होगी।


झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं के जुनून और पहचान का हिस्सा है। राज्य के सुदूर गांवों तक इस खेल की लोकप्रियता है और यहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भी कमी नहीं है। इसके बावजूद बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण, प्रशिक्षित कोच, खेल मैदान और आर्थिक सहयोग जैसी सुविधाओं का अभाव कई प्रतिभाओं के आगे बढ़ने में बाधा बनता है।


ऐसे में नई कमेटी से उम्मीद की जा रही है कि वह जिला स्तर पर फुटबॉल की गतिविधियों को मजबूत करने के साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करेगी।


एसोसिएशन के नए नेतृत्व के सामने नियमित जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता और खेल आधारभूत संरचना का विकास जैसी कई चुनौतियां हैं। इसके साथ ही झारखंड के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर दिलाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए भी योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे।


करीब 23 साल बाद हुए इस नेतृत्व परिवर्तन ने फुटबॉल जगत में उम्मीदें जरूर जगाई हैं, लेकिन असली परीक्षा नई कमेटी के कामकाज और उसके परिणामों से होगी। अब खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नया नेतृत्व झारखंड की फुटबॉल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।


टिप्पणियां


bottom of page