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अर्बन बैंक में घमासान, अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

लेखक की तस्वीर: Rahul
Rahul
1 दिन पहले
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परिवर्तन पैनल में शामिल मेंस कांग्रेस चक्रधरपुर मंडल ने खोला मोर्चा, तीनों जोन के डेलीगेट के बीच बढ़ी सरगर्मी



चक्रधरपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे से जुड़े रेलवे को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी यानी अर्बन बैंक के प्रबंधन को लेकर परिवर्तन पैनल में शामिल मेंस कांग्रेस चक्रधरपुर मंडल ने मोर्चा खोल दिया है। विवाद इतना बढ़ गया है कि मौजूदा अर्बन बैंक अध्यक्ष एसपी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है।


बताया जा रहा है कि आगामी वार्षिक महाधिवेशन में साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष एसपी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसे लेकर तीनों रेल जोन के डेलीगेट और रेल कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज है। वहीं, अध्यक्ष एसपी सिंह भी अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब दे रहे हैं और आरोपों को निराधार बता रहे हैं।


डेलीगेट ज्यादा, डायरेक्टर कम मिलने का मुद्दा


मेंस कांग्रेस का आरोप है कि अर्बन बैंक के चुनाव में उसके करीब 200 डेलीगेट तीनों जोन से जीतकर आए थे, लेकिन इसके बावजूद संगठन को केवल 9 डायरेक्टर पद मिले। दूसरी ओर, लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के करीब 60 डेलीगेट चुनाव जीतकर आए और उसे 10 डायरेक्टर पद के साथ अध्यक्ष पद भी मिला।


मेंस कांग्रेस का कहना है कि परिवर्तन पैनल के गठन में उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसका उद्देश्य वर्षों से चले आ रहे एक संगठन के कथित वर्चस्व को समाप्त करना था। लेकिन अब पैनल के भीतर ही प्रतिनिधित्व और निर्णय प्रक्रिया को लेकर असंतोष पैदा हो गया है।


संगठन का आरोप है कि उसके निर्वाचित डेलीगेट की संख्या अधिक होने के बावजूद अर्बन बैंक के महत्वपूर्ण निर्णयों में उसे अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इसी को लेकर संगठन के भीतर नाराजगी बढ़ती गई और अब अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की जा रही है।



निर्मल जेना के डायरेक्टर बनने पर भी सवाल


मेंस कांग्रेस ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने वाले निर्मल जेना को डायरेक्टर बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि परिवर्तन पैनल के गठन के समय जिस उद्देश्य को लेकर विभिन्न संगठन एक साथ आए थे, मौजूदा परिस्थितियां उससे अलग दिशा में जाती दिखाई दे रही हैं।


मेंस कांग्रेस का दावा है कि उसने निर्मल जेना को डायरेक्टर पद से हटाने की मांग परिवर्तन पैनल के पदाधिकारियों के समक्ष रखी थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।


पारदर्शिता, लोन और हॉलिडे होम का मुद्दा भी उठा


विवाद केवल पदों के बंटवारे तक सीमित नहीं है। मेंस कांग्रेस ने अर्बन बैंक की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि बैंक के फैसलों में सदस्यों की अपेक्षित भागीदारी नहीं हो रही है और कई मामलों में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं मिल रही।


संगठन ने दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय गार्डन रीच, कोलकाता में रेल कर्मचारियों के लिए हॉलिडे होम की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया है। आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त सुविधाजनक नहीं है, जबकि बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी इलाज, कार्यालयी कार्य और अन्य जरूरी काम से मुख्यालय पहुंचते हैं।


लोन स्वीकृति और सदस्यों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी मेंस कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि अर्बन बैंक का मूल उद्देश्य रेल कर्मचारियों को वित्तीय सहायता पहुँचाने और उसके सदस्यों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।



अध्यक्ष एसपी सिंह ने आरोपों को बताया निराधार


दूसरी ओर अर्बन बैंक के अध्यक्ष एसपी सिंह ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कुछ रेलवे संगठनों की ओर से उनके खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है और रेल कर्मचारियों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।


एसपी सिंह का दावा है कि अर्बन बैंक में कंप्यूटरीकृत व्यवस्था लागू की गई है और बैंक का संचालन पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसी व्यवस्था के कारण कुछ संगठन और उनके नेता असहज हैं तथा उन्हें पद से हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


अध्यक्ष ने यह भी धमकी दी है कि यदि उनके खिलाफ गलत प्रचार जारी रहा या उनके विरुद्ध अनुचित कार्रवाई की गई, तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कर सकते हैं।



शशि मिश्रा बोले—सदस्यों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं


मेंस कांग्रेस के चक्रधरपुर मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने कहा कि अर्बन बैंक के प्रबंधन में सदस्यों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, परिवर्तन पैनल के गठन और उसे सफल बनाने में मेंस कांग्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बड़ी क़ुरबानी भी दी है, लेकिन अर्बन बैंक चुनाव में 200 की संख्या में डेलीगेट जीतने के बावजूद संगठन को अपेक्षाकृत कम डायरेक्टर पद मिले।



शशि मिश्रा का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में अध्यक्ष के स्तर पर निर्णयों का केंद्रीकरण बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन पैनल में पुराने संगठन के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस मेंस यूनियन को बाहर करने के लिए परिवर्तन पैनल बना, आज उसी परिवर्तन पैनल में मेंस यूनियन की सेंधमारी हो रही है। निर्मल जेना चक्रधरपुर से अर्बन बैंक के डायरेक्टर हैं और अब उसने मेंस यूनियन की कमान भी संभल ली है।


मतलब यह हुआ कि फिर से अर्बन बैंक में मेंस यूनियन कब्ज़ा शुरू हो रहा और अध्यक्ष तमाशबीन बने हुए हैं। इसके अलावे हॉलिडे होम, लोन और सदस्यों को मिलने वाली सुविधाओं सहित कई मुद्दों पर बैंक प्रबंधन को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर अर्बन बैंक अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है।


महाधिवेशन पर टिकी नजर


अर्बन बैंक के भीतर चल रहा यह विवाद अब तीनों रेल जोन के डेलीगेट और कर्मचारियों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। एक ओर मेंस कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी कर रही है, वहीं अध्यक्ष एसपी सिंह अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का लगातार जवाब दे रहे हैं।


ऐसे में वार्षिक महाधिवेशन में अविश्वास प्रस्ताव आता है या नहीं, आता है तो उस पर डेलीगेट का क्या रुख रहता है और परिवर्तन पैनल के भीतर चल रहा यह टकराव किस दिशा में जाता है, इस पर अब तीनों जोन के रेल कर्मचारियों और अर्बन बैंक के सदस्यों की नजरें टिकी हैं।

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