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चाईबासा: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की उपायुक्त ने की समीक्षा, सभी पात्रों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 4 घंटे पहले
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक हुई। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत पात्र लाभुकों को मिलने वाले लाभ और सुविधाओं की समीक्षा की गई।


उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र आत्मसमर्पित व्यक्तियों के मामलों का नियमानुसार सत्यापन कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का लाभ देने में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं हो। उन्होंने कहा कि पुनर्वास का उद्देश्य आत्मसमर्पित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक व आत्मनिर्भर जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है।



बैठक में संबंधित विभागों को पात्र लाभुकों को स्वरोजगार, कौशल विकास, बैंकिंग सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। आईटीडीए को विभागीय योजनाओं के साथ पुनर्वास नीति के लाभों का समन्वय करने, जबकि जिला उद्योग केंद्र को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप स्वरोजगार के अवसर तलाशने को कहा गया।


वहीं आरसेटी को पात्र लाभुकों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकास एवं स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्देश दिया गया। अग्रणी बैंक प्रबंधक को बैंकिंग सुविधाओं तथा स्वरोजगार के लिए वित्तीय योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करने को कहा गया।


उपायुक्त ने पुलिस विभाग को आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने तथा जिला पंचायती राज एवं समाज कल्याण विभाग को पात्र लाभुकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।


उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर पात्र आत्मसमर्पित व्यक्ति को पुनर्वास नीति के तहत देय सुविधाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिलें। बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, उपसमाहर्ता देवेंद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय पूजा कुमारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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