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रेलवे में रिश्वतखोरी का खेल: ₹1.46 लाख लेते चार गिरफ्तार, तलाशी में ₹9 लाख नकद बरामद

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 1 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

जयपुर: उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) में करोड़ों रुपये के बिलों को पास कराने के एवज में रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, जयपुर ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान रेलवे की एक महिला अधिकारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कथित रिश्वत की ₹1.46 लाख की रकम बरामद की गई। इसके बाद जयपुर और दिल्ली में विभिन्न ठिकानों पर की गई तलाशी में करीब ₹9 लाख नकद बरामद होने की बात CBI ने कही है।


करोड़ों के बिल, रिश्वत के लिए बातचीत


CBI की जांच सूचना के मुताबिक, जून 2026 में DEPL के कर्मचारी गौरव गुप्ता ने कंपनी के टावर निर्माण और OFC कार्यों से जुड़े बिलों को आगे बढ़ाने के लिए संगीता कुमारी से संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान बिलों के अनुकूल प्रसंस्करण के बदले रिश्वत की मांग की गई।


जुलाई 2026 में कंपनी की ओर से टावर निर्माण के करीब ₹6.20 करोड़ और OFC कार्य के करीब ₹4.70 करोड़ के बिल प्रस्तुत किए गए। इन बिलों को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए रेलवे के अधिकारियों और लेखा शाखा से लगातार संपर्क किए जाने का भी CBI ने उल्लेख किया है।


CBI के अनुसार, यह मामला उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर में सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े Tower Erection और Optical Fibre Cable (OFC) कार्यों के बिलों को अनुकूल तरीके से प्रोसेस और पास कराने के बदले कथित रिश्वत की मांग से जुड़ा है।


मामले में संगीता कुमारी, Office Superintendent, NWR Jaipur, एस.एन. बैरवा, Assistant Financial Advisor, सुनील कुमार सांघी, Senior SO, NWR Jaipur और निजी कंपनी Dinesh Engineers Ltd. (DEPL) के कर्मचारी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।


CBI ने इससे पहले 13 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक निजी कंपनी के करोड़ों रुपये के बिलों के भुगतान और प्रोसेसिंग के लिए कथित तौर पर रिश्वत की व्यवस्था की जा रही थी। मामले में रेलवे अधिकारियों और निजी कंपनी के कर्मचारियों के बीच कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है।


ट्रैप कार्रवाई के दौरान CBI ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए। इसके बाद हुई तलाशी में जयपुर और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से लगभग ₹9 लाख नकद बरामद हुए।


CBI की कार्रवाई के बाद रेलवे में बिल पास कराने के नाम पर कथित रिश्वत के नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रिश्वतखोरी में और कौन-कौन से अधिकारी या निजी व्यक्ति शामिल थे।


CBI की कार्रवाई के अनुसार:

रिश्वत की रकम — ₹1.46 लाख

तलाशी में नकद बरामद — करीब ₹9 लाख

जयपुर मामले में गिरफ्तार — 4 आरोपी

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