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डांगवापोसी रेलवे कॉलोनी जलमग्न, तीन फीट तक भरा पानी, रेलकर्मियों के घरों और कार्यालयों में घुसा पानी

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 29 मिनट पहले
  • 3 मिनट पठन

डांगवापोसी: इस वक्त की बड़ी खबर चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगवापोसी रेलवे क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद भयावह कर दिए हैं। जोरदार बारिश के कारण पूरा रेलवे क्षेत्र जलमग्न हो गया है। रेलवे कॉलोनी, रेलकर्मियों के क्वार्टर, कार्यालय और आसपास के निचले इलाकों में बारिश का पानी भर गया है। कई स्थानों पर करीब तीन फीट तक पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।



सबसे खराब स्थिति सारंडा कॉलोनी और डांगवापोसी के निचले इलाकों की बताई जा रही है। यहां सड़कों पर नदी की तरह पानी बह रहा है। बारिश का पानी रेलकर्मियों के क्वार्टरों के अंदर तक पहुंच गया है। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुओं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई रेलकर्मियों के दोपहिया और चारपहिया वाहन भी पानी में डूब गए हैं।



हालात ऐसे हैं कि रेलकर्मियों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। उन्हें ड्यूटी पर जाना है या फिर अपने घर और परिवार को बारिश के पानी से बचाना है, इसे लेकर वे परेशान हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बारिश ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।


हर साल डूबता है रेलवे क्षेत्र, फिर भी स्थायी समाधान नहीं


खास बात यह है कि इसी रेल क्षेत्र से रेलवे को अरबों का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन रेल कर्मचारियों का कहना है कि डांगवापोसी रेलवे क्षेत्र में हर वर्ष बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव की स्थिति पैदा होती है। बारिश का पानी कॉलोनी में जमा हो जाता है और रेलकर्मियों को भारी परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।



बारिश के पानी की निकासी के लिए रेलवे की ओर से ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने और जल निकासी व्यवस्था पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद बारिश के दौरान पूरा इलाका जलमग्न हो जाना रेलवे की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।



रेल कर्मचारियों का आरोप है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी होती तो इतनी बड़ी मात्रा में पानी कॉलोनी में जमा नहीं होता। हर साल समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाना भी चिंता का विषय है। आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था के नाम पर लाखों करोड़ों खर्च कर केवल ठेकेदार और अधिकारी अपनी जेब भर रहे हैं लेकिन इसका फायदा रेल कर्मियों को नहीं  मिल पा रहा है.



अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, कर्मचारियों में नाराजगी


भयावह जलभराव के बीच रेलकर्मियों और उनके परिजनों को अपने स्तर पर ही स्थिति से निपटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से मौके पर पहुंचकर राहत और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने की पहल नजर नहीं आई है।



लगातार बारिश जारी रहने के कारण यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। रेलकर्मियों का कहना है कि रेलवे को तत्काल पंप लगाकर पानी निकालने, जल निकासी के रास्ते खोलने और प्रभावित क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों को राहत पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।



डांगवापोसी में बारिश ने एक बार फिर रेलवे की जल निकासी व्यवस्था की कथित तैयारियों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद आखिर बारिश का पानी रेलवे कॉलोनी से बाहर क्यों नहीं निकल पाता? फिलहाल रेलकर्मी और उनके परिवार जलभराव के बीच अपने घर और सामान को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि वे ड्यूटी पर जाएँ या फिर अपने घर, सामान और परिवार को बचाएं.

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