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राउरकेला में बारिश का कहर: पटरी के नीचे की मिट्टी बही, हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर थमी ट्रेनों की रफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 4 घंटे पहले
  • 3 मिनट पठन

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर रेल मंडल में गुरुवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग की परिचालन व्यवस्था को हिला कर रख दिया। राउरकेला-पानपोश के बीच रेल पटरी के नीचे की मिट्टी बह जाने से ट्रैक वॉशआउट हो गया। इसके साथ ही कई स्थानों पर बैंक स्लिप और जलजमाव की स्थिति ने रेलवे की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुरक्षा के मद्देनजर कई लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा, जबकि दर्जनों यात्रियों को अलग-अलग स्टेशनों पर घंटों ट्रेन के खुलने का इंतजार करना पड़ा।


जानकारी के अनुसार, राउरकेला और पानपोश के बीच किलोमीटर संख्या 415/19-24 पर भारी बारिश के कारण रेल लाइन के नीचे की मिट्टी बह गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुबह 9:15 बजे से राउरकेला-पानपोश अप लाइन पर ट्रेन परिचालन रोक दिया गया।


इसके बाद पानपोश-कालूंगा के बीच तीसरी लाइन पर भी सुबह 9:50 बजे से परिचालन निलंबित कर दिया गया। राउरकेला यार्ड में करीब 10:20 बजे जलजमाव की सूचना मिली। वहीं पानपोश-कालूंगा सेक्शन के किलोमीटर संख्या 418/11-13 के पास बैंक स्लिप की सूचना मिलने के बाद पानपोश-राउरकेला अप लाइन पर सुबह 10:40 बजे से ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कालूंगा-पानपोश-राउरकेला डाउन लाइन पर परिचालन जारी रखा गया।


तीसरी लाइन पर मिली राहत, 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली ट्रेन


रेलवे की तकनीकी टीम ने प्रभावित हिस्से की जांच और जरूरी कार्यवाही के बाद पानपोश-कालूंगा तीसरी लाइन को सुबह 11:20 बजे फिट घोषित किया। इसके बाद 11:25 बजे मेमो जारी होने पर इस लाइन से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।

राउरकेला से अप दिशा में इस लाइन से रवाना होने वाली पहली ट्रेन बिलासपुर-राउरकेला ट्रेन रही, जो सुबह 11:47 बजे राउरकेला से रवाना हुई।


कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों प्रभावित


ट्रैक वॉशआउट और बैंक स्लिप का असर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा।


18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस को बिसरा स्टेशन पर सुबह 9:37 बजे से 11:20 बजे तक नियंत्रित किया गया।

18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस गोईलकेरा स्टेशन पर 10:16 बजे से 11:14 बजे तक नियंत्रित रही।

12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस को चक्रधरपुर स्टेशन पर 10:42 बजे से 11:00 बजे तक रोका गया।

08184 राउरकेला-रांची परीक्षा स्पेशल को नुआगांव स्टेशन पर सुबह 10:30 बजे से नियंत्रित किया गया।

15028 गोरखपुर-संबलपुर मौर्य एक्सप्रेस को बांगुरकेला स्टेशन पर सुबह 9:52 बजे से नियंत्रित किया गया।

22861 हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस हावड़ा से करीब पांच घंटे की देरी से रवाना हुई।


इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई स्टेशनों पर ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं।


बंडामुंडा में तैयार रखा गया मॉनसून स्पेशल


लगातार बारिश और ट्रैक पर मिट्टी खिसकने की घटनाओं को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बंडामुंडा से राहत एवं बचाव कार्य के लिए मॉनसून स्पेशल ट्रेन तैयार रखने का निर्देश दिया। रेलवे की तकनीकी टीमें प्रभावित रेलखंड पर लगातार निगरानी और मरम्मत कार्य में जुटी रहीं।


रेलवे ने प्रभावित हिस्से की सुरक्षा जांच के बाद डाउन लाइन और तीसरी लाइन पर नियंत्रित तरीके से परिचालन बहाल किया। वहीं अप लाइन पर सुरक्षा और मरम्मत का काम जारी रहा।


मानसून ने फिर खोली ट्रैक सुरक्षा की पोल?


हावड़ा-मुंबई जैसे व्यस्ततम रेल मार्ग पर ट्रैक के नीचे की मिट्टी का बह जाना और बैंक स्लिप की घटनाएं रेलवे के लिए गंभीर चुनौती हैं। लगातार बारिश के बीच लैंडस्लाइड और ट्रैक वॉशआउट का खतरा बढ़ गया है। यही वजह है कि कई हिस्सों में ट्रेनों को धीमी गति से चलाया गया।


गुरुवार को हुई घटनाओं के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय से लेकर प्रभावित रेलखंड तक हड़कंप की स्थिति बनी रही। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मानसून से पहले संवेदनशील रेलखंडों की पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी की गई थी? बारिश के दौरान ट्रैक के नीचे मिट्टी बहने की घटना ने रेलवे की मानसून तैयारियों और ट्रैक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


थर्ड लाइन से परिचालन शुरू: रेल अधिकारी


मामले की जानकारी देते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी ने बताया क‍ि राउरकेला-पानपोस-कालूंगा रेल खंड में भारी बारिश के कारण पटरियों पर जलजमाव हो गया था और पानपोस के पास पटरी के नीचे की मिट्टी बह गई थी। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर गुरुवार सुबह 09:50 बजे से परिचालन रोक दिया गया था। मरम्मत कार्य के बाद थर्ड लाइन पर सुबह 11:40 बजे से ट्रेनों की आवाजाही पुनः शुरू कर दी गई है।

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