top of page

चक्रधरपुर श्री श्री शीतला मंदिर दुर्गा पूजा समिति का 50वां वर्ष, भव्य पूजा आयोजन की चल रही तैयारी, दक्षिण भारत के मंदिर की तर्ज पर बनेगा भव्य पंडाल, पंचमी से खुल जायेगा माँ दुर्गा का दरबार

लेखक की तस्वीर: Rahul
Rahul
17 घंटे पहले
3 मिनट पठन

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर शहर में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में श्री श्री शीतला मंदिर दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपने 50वें वर्ष यानी स्वर्ण जयंती वर्ष को विशेष और भव्य अंदाज में पूजा अनुष्ठान मनाने की तैयारी में जुटी है। समिति की ओर से पूजा पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मां दुर्गा की प्रतिमा और श्रद्धालुओं के लिए विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं।


समिति की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस बार पूजा आयोजन को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। करीब 25 लाख रुपये की लागत से भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल को दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल का निर्माण पूरा होने के बाद इसकी भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।



पूजा पंडाल की विद्युत सज्जा के लिए चंदननगर की विशेष लाइटिंग मंगाई गयी है। चंदननगर की विद्युत सज्जा देशभर में अपनी आकर्षक रोशनी के लिए प्रसिद्ध है। भव्य तोरण द्वार से लेकर पंडाल और आसपास की सड़कों तक रंग-बिरंगी रोशनी से सजाने की तैयारी है। रात के समय पूरा पूजा परिसर और आसपास का क्षेत्र आकर्षक रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा।


इस वर्ष मां दुर्गा की विशेष और आकर्षक प्रतिमा भी तैयार की जा रही है। समिति का प्रयास है कि स्वर्ण जयंती वर्ष के अनुरूप पूजा पंडाल से लेकर प्रतिमा और विद्युत सज्जा तक हर व्यवस्था श्रद्धालुओं को अलग और आकर्षक अनुभव दे।


पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक माहौल को लेकर भी विशेष कार्यक्रम होंगे। पंचमी से भक्ति-भजन, डांडिया समेत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं सप्तमी, अष्टमी और नवमी को लगातार 24 घंटे भोग-प्रसाद का वितरण किया जाएगा। श्रद्धालु पूजा पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा का दर्शन करने के साथ भोग प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।



समिति के अनुसार पंचमी से ही पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद पंचमी से नवमी तक श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे। समिति ने शहर और आसपास के सभी श्रद्धालुओं से पूजा पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने की अपील की है।


समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1977 से शुरू हुई इस पूजा आयोजन की परंपरा को आगे बढ़ाने में पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वर्गीय दिलीप साव और स्वर्गीय प्रदीप साव समेत वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा शुरू की गई पूजा परंपरा को आज समिति के सदस्य आगे बढ़ा रहे हैं। उनके द्वारा स्थापित परंपरा को बनाए रखते हुए हर वर्ष पूजा को और भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इस वर्ष स्वर्ण जयंती के अवसर पर युवाओं की भी बड़ी भागीदारी है।


समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है, ताकि पूजा उत्सव के दौरान किसी को परेशानी न हो और सभी श्रद्धालु शांतिपूर्ण माहौल में मां दुर्गा का दर्शन कर सकें।



श्री श्री शीतला मंदिर दुर्गा पूजा समिति के जिन पदाधिकारियों के द्वारा पूजा की तैयारी की जा रही है उनमे मुख्य रूप से, संरक्षक सुरेश साव, अध्यक्ष संजय पासवान, उपाध्यक्ष विजय साव, अनूप दुबे, सूरज साव एवं विकास शर्मा, सचिव संजय मिश्रा, सह-सचिव रुपेश साव, पंकज शर्मा, मदन विश्वकर्मा, त्रिदीप कुमार एवं राहुल गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुशील श्यामरीवाल, सह-कोषाध्यक्ष विजय जायसवाल, मयंक साव, रिक्की छाबड़ा, मनीष पाड़िया तथा मीडिया प्रभारी संदीप साव और शंभू साव अहम भूमिका निभा रहे हैं।


श्री श्री शीतला मंदिर दुर्गा पूजा समिति के 50 वर्ष पूरे होने को लेकर चक्रधरपुर में भी उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं को इस वर्ष के भव्य पूजा आयोजन और दक्षिण भारतीय मंदिर की तर्ज पर बन रहे पंडाल के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार है।

टिप्पणियां


bottom of page