रेलवे के स्वच्छ पेयजल अभियान पर सवाल, डांगवापोसी स्टेशन के वाटर बूथ में गंदगी का अंबार

डांगवापोसी: देश के कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर पेयजल में बैक्टीरिया पाए जाने की खबरों के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता और जलस्रोतों के रख-रखाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हालांकि, चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगवापोस रेलवे स्टेशन पर जमीनी स्थिति रेलवे के इन प्रयासों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
डांगवापोस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर स्थित वाटर बूथ के आसपास भारी मात्रा में कीचड़ और गंदगी जमा है। वाटर बूथ के स्टेज पर फैली गंदगी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि यात्री वहां से पानी पीने तो दूर, हाथ धोने से भी परहेज करते नजर आ रहे हैं।

रेल यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा एक ओर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और जलस्रोतों की नियमित साफ-सफाई व गुणवत्ता जांच की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर स्टेशन परिसर में स्थित वाटर बूथ की सफाई और रख-रखाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे अहम सवाल यह है कि प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए उपलब्ध इस वाटर बूथ की नियमित सफाई और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, फिर भी लंबे समय से यहां गंदगी क्यों जमा है।
स्टेशन पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस समस्या पर क्यों नहीं पड़ रही, यह भी सवाल यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि समय रहते वाटर बूथ और उसके आसपास की सफाई नहीं कराई गई तथा पेयजल की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित नहीं की गई, तो रेलवे के स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यात्रियों ने संबंधित रेल अधिकारियों से तत्काल वाटर बूथ की सफाई कराने, आसपास जलजमाव व कीचड़ की समस्या दूर करने तथा पेयजल की गुणवत्ता जांचने की मांग की है।





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