आरएसपी में मालगाड़ी के छह डिब्बे बेपटरी, युद्धस्तर पर बहाली कार्य जारी

राउरकेला: राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) के ब्लास्ट फर्नेस के समीप आरएम-16 के पास सोमवार को लौह अयस्क ढुलाई करने वाली मालगाड़ी के छह डिब्बे बेपटरी हो गए। घटना की सूचना करीब 11 बजे मिली। इसके बाद रेलवे के बंडामुंडा कैरिज एंड वैगन तथा इंजीनियरिंग विभाग की टीमों को राहत एवं बहाली कार्य में लगाया गया। घटनास्थल पर देर शाम तक युद्धस्तर पर काम जारी रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही बंडामुंडा रेलवे के एआरएम अमित कुमार सारंगी मौके पर पहुंचे और बहाली कार्य का जायजा लिया। वहीं, शाम करीब पांच बजे चक्रधरपुर के एडीआरएम स्पीक से राउरकेला रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से वे सड़क मार्ग से घटनास्थल के लिए रवाना हुए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
फिलहाल मालगाड़ी के छह डिब्बों के बेपटरी होने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले बहाली कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद घटना के कारणों की जांच की जाएगी।
इस संबंध में दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि वह टाटानगर में एजीएम के साथ निरीक्षण में हैं। उन्हें आरएसपी के भीतर मालगाड़ी के बेपटरी होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि स्टील प्लांट परिसर के अंदर मालगाड़ियों के संचालन और मेंटेनेंस का कार्य आरएसपी द्वारा किया जाता है। घटना से रेलवे को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा और आकलन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी भरपाई आरएसपी से कराई जाएगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे के सीपीआरओ ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नुकसान की भरपाई आरएसपी से कराई जाएगी। हालांकि, उन्होंने घटना के कारण, दुर्घटना में हुए नुकसान और रेलवे को हुई क्षति के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
आरएसपी परिसर में हुई इस घटना ने प्लांट के भीतर मालगाड़ियों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चक्रधरपुर रेल मंडल में हाल के वर्षों में रेल परिचालन से जुड़ी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में इस घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मालगाड़ी के छह डिब्बे किन परिस्थितियों में बेपटरी हुए और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।





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