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रेलवे के किचन पर अब ‘तीसरी आंख’ की नजर, खाने की गुणवत्ता पर कसेगा शिकंजा

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 9 घंटे पहले
  • 1 मिनट पठन

नई दिल्ली: रेलवे यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुधारने के लिए रेलवे बोर्ड ने निगरानी व्यवस्था और सख्त करने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO सतीश कुमार ने IRCTC के वॉर रूम की समीक्षा करते हुए खानपान व्यवस्था में तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।


रेलवे किचन में फिलहाल उपलब्ध चार कैमरा फीड के अलावा कच्चे माल के भंडारण क्षेत्रों में अतिरिक्त कैमरे और PTZ कैमरे लगाने को कहा गया है। इसके जरिए किचन की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी। निगरानी के दौरान खामियां मिलने पर संबंधित एजेंसी को नोटिस देकर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।


रेलवे बोर्ड ने Rail Madad पर आने वाली यात्रियों की शिकायतों की भी प्रभावी निगरानी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को शिकायतकर्ता यात्रियों से सीधे संपर्क कर समस्या का समाधान करने को कहा गया है।


वहीं, रोटी और पराठे की तैयारी की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। खानपान व्यवस्था की जांच करने वाली थर्ड-पार्टी निरीक्षण एजेंसियों के कमजोर प्रदर्शन पर भी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें सूची से हटाया जा सकता है।


रेलवे में AI आधारित निगरानी का भी इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। चूहे, कॉकरोच और स्वच्छता संबंधी अन्य कमियों के AI अलर्ट मिलने पर केवल रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय संबंधित एजेंसी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


रेलवे का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ खानपान व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है।

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