पोलियो उन्मूलन अभियान (NID-2026) को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार, 28 जून को बूथ दिवस एवं 29-30 जून को घर-घर पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
- Rahul
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान (NID-2026) के सफल संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर जुझार मांझी ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी की यह अभियान 28 जून से 30 जून 2026 तक संचालित होगा। अभियान के प्रथम दिन 28 जून (रविवार) को बूथ दिवस आयोजित किया जाएगा, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2,41,301 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले के 2,329 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक पोलियो बूथ संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा 80 ट्रांजिट प्वाइंट, 32 मोबाइल टीम तथा 3 मेला/बाजार टीमों का भी गठन किया गया है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
अभियान के सफल संचालन के लिए जिले की 4,877 सहिया एवं सेविकाओं को वैक्सीनेटर तथा 423 सीएचओ, एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू को सुपरवाइजर के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। जिला एवं प्रखंड स्तर पर मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जा चुका है तथा सभी वैक्सीनेटर एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण भी पूर्ण कर लिया गया है। अभियान के लिए ओपीवी वैक्सीन, आवश्यक प्रपत्र, आईईसी सामग्री, मार्कर पेन एवं गेरू चॉक सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। सहियाओं द्वारा लाभुक बच्चों की ड्यू लिस्ट भी तैयार की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बच्चों के बाएं हाथ की छोटी उंगली के नाखून पर निशान लगाया जाएगा। वहीं, घर-घर भ्रमण के दौरान टीम द्वारा संबंधित घरों पर निर्धारित चिन्ह भी अंकित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य बूथ दिवस पर 95 प्रतिशत से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है।
सिविल सर्जन डॉक्टर जुझार मांझी ने आमजन से अपील की है कि भारत भले ही पोलियो मुक्त घोषित हो चुका है, लेकिन कुछ देशों में अभी भी पोलियो वायरस मौजूद है और इसके पुनः लौटने की आशंका बनी रहती है। इसलिए प्रत्येक अभिभावक अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को हर बार पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपना योगदान दें।
अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जन्म से 15 वर्ष तक का कोई भी बच्चा यदि अचानक लूंज-पूंज (Acute Flaccid Paralysis- AFP) अथवा लकवे जैसी समस्या से ग्रसित पाया जाता है, तो उसकी तत्काल पहचान कर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट की जाए, ताकि आवश्यक जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बताते हुए कहा कि सभी पोलियो बूथों का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा तथा अभियान को एक जनआंदोलन के रूप में सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा।





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