
महिला या ओबीसी, किसके नाम पर मुहर लगाएंगे मोदी-भागवत, जानिए कौन होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष ?
जुल. 17
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" भाजपा एक तीर से कई निशाना भी साध सकती है, दक्षिण और महिला कोटे को एक साथ भरने के लिए निर्मला सीतारमण या डी पुरंदेश्वरी का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आगे कर सकती है. पीएम मोदी खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं और ये दोनों महिला ब्राह्मण समाज से आती हैं. इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद किसी सवर्ण जाति को दिया जा सकता है, जैसा अभी है. लेकिन अंतिम फैसला मोदी और भागवत की होगी, इसलिए सबकी नजरें इन्हीं दोनों पर टिकी है. "
उपेंद्र गुप्ता
रांची ( RANCHI ) : 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि सत्र शुरू होने से पहले या सत्र के दौरान भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है. इसके लिए जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है. दो दिवसीय चुनाव कार्यक्रम में सर्वसम्मति से चुनाव होने की परंपरा है तो फिर एक ही नामांकन होगा. पार्टी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चु नाव 50% राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुनने के बाद ही होता है. फिलहाल भाजपा की 37 मान्यता प्राप्त स्टेट यूनिट हैं. इनमें से 26 राज्यों में अध्यक्ष चुने जा चुके हैं. भाजपा ने जुलाई के शुरुआत 2 दिन में 9 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष चुने. इसके बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है.
एक साल से एक्सटेंशन पर हैं नड्डा
भाजपा सूत्रों के अनुसार मीडिया भले ही दो साल से तमाम नामों पर अटकलें लगा रहा हो, लेकिन सच तो ये है कि अभी तक कोई भी नाम तय नहीं है. संभावित नामों पर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन अभी तीन नामों का पैनल भी तय नहीं हुआ है. बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 को खत्म हो चुका है. वह एक्सटेंशन पर हैं. वहीं, वह केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं, इस वजह से भाजपा जल्द नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी में जुटी है.
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए तीन मुख्य बातों-संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण को ध्यान में रख रही हैं. जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक केंद्रीय चुनाव समिति का गठन हो सकता है. यदि चुनाव की जरूरत पड़ती है तो यह समिति नामांकन, जांच और मतदान की प्रक्रिया पूरी करेगी.
संघ और भाजपा के बीच मंथन जारी





