चक्रधरपुर में डिविजनल रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन का वार्षिक महाधिवेशन, बुजुर्ग पेंशनरों का हुआ सम्मान
- Rahul
- 2 दिन पहले
- 3 मिनट पठन
डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा—रेल पेंशनर चक्रधरपुर रेल मंडल के परिवार के महत्वपूर्ण अंग, उनकी समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर के रेलवे महात्मा गांधी सभागार में शनिवार को डिविजनल रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन का वार्षिक महाधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ एडीआरएम अनोप पटेल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ ऋषभ सिन्हा, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक टिकाराम मीणा समेत रेल मंडल के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया। संगठन के ध्वजारोहण के साथ महाधिवेशन की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम के दौरान झिमली चटर्जी ग्रुप के बच्चों के द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने सभागार में मौजूद पेंशनरों का मन मोह लिया।

महाधिवेशन के दौरान वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध पेंशनरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। डीआरएम तरुण हुरिया ने अपने हाथों से वयोवृद्ध पेंशनरों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में 95 वर्षीय आशुतोष चौधरी, 91 वर्षीय एनएसआरके. राव और 91 वर्षीय रतन सिंह शामिल रहे। बुजुर्ग पेंशनरों के सम्मान के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल के सभी पेंशनर मंडल परिवार के बहुमूल्य और महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनर अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय रेलवे की सेवा में समर्पित कर चुके हैं। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें उनका हक एवं अधिकार दिलाना रेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि रेल मंडल की ओर से पेंशनरों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। टाटा और राउरकेला में टीएमएच और अपोलो अस्पताल को सम्बद्ध किया गया है ताकि ईलाज में कोई दिक्कत ना हो। इसके साथ ही पेंशनरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने के लिए भी रेल प्रशासन प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ ऋषभ सिन्हा ने कहा कि रेलवे के संबंधित विभागों द्वारा पेंशनरों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं। पात्र पेंशनर किसी भी स्थिति में पेंशन जैसी जरूरी सुविधा से वंचित न रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है।
उन्होंने डिविजनल रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन पेंशनरों को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। संगठन की सक्रियता के कारण रेल प्रशासन के लिए भी पेंशनरों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना आसान हुआ है। ऋषभ सिन्हा ने कहा कि बहुत जल्द पेंशनरों के लिए एक कमरे का भी निर्माण किया जायेगा जहाँ दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले बुजुर्ग पेंशन धारक बैठकर कुछ देर के लिए आराम कर सकेंगे।

महाधिवेशन को संगठन के अध्यक्ष डीके पांडा, सचिव समीरन मुखर्जी और कोषाध्यक्ष पीके डे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में अशोक अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को मिला अगला कार्यकाल
महाधिवेशन के अंतिम चरण में डिविजनल रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया। सदस्यों ने सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को ही अगले कार्यकाल के लिए जारी रखने का निर्णय लिया।
नई कार्यकारिणी में डीके पांडा को अध्यक्ष, बी श्रीधर को कार्यकारी अध्यक्ष, समीरण मुखर्जी को सचिव और पीके डे को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वहीं जीसी दास और आरयू. भट्टाचार्य को संगठन सचिव बनाया गया। संगठन के संरक्षक एके अग्रवाल, जीएस बिरौली और एनआर माझी बनाये गए हैं।
महाधिवेशन के दौरान पेंशनरों की समस्याओं, उनके अधिकारों और संगठन की आगामी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर शामिल हुए।

सचिव समीरण मुखर्जी ने अपने प्रतिवेदन में वर्ष 2018 से 2026 तक संगठन की उपलब्धियों और पेंशनरों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पेंशन अदालत के माध्यम से हर वर्ष 80 से 100 मामलों का समाधान कराया गया। पेंशन संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए बैंकों और केंद्रीय पेंशन प्रसंस्करण केंद्र से लगातार समन्वय किया गया।
संगठन ने मंडल के विभिन्न स्टेशनों तक पहुंचकर पेंशनरों की समस्याएं सुनीं और उनका समाधान कराया। वरिष्ठ पेंशनरों का सम्मान, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा राष्ट्रीय पर्व और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन भी संगठन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहा। उन्होंने भविष्य में भी पेंशनरों की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया।





टिप्पणियां