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BIG BREAKING : चक्रधरपुर में कड़ाके की ठंड से दंपत्ति की मौत, वार्ड पार्षद ने कराया अंतिम संस्कार

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 28 नव॰ 2025
  • 3 मिनट पठन

 

न्यूज डेस्क

चक्रधरपुर ( CHAKRADHARPUR) : चक्रधरपुर में एक खानाबदोश दंपति की ठण्ड से मौत हो गयी है. पहले ठण्ड से बीमार हुई पत्नी की मौत अस्पताल में हो गयी. उसके बाद दूसरे दिन पति की भी मौत हो गई. दोनों एक प्लास्टिक के नीचे रात गुजारते थे. संभवतः कड़ाके की ठंड के कारण दोनों की मौत हुई है. सूचना के बाद स्थानीय वार्ड पार्षद सोमनाथ रजक ने दोनों दंपति का अंतिम संस्कार करा दिया.

जानकारी के अनुसार, चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के पास प्लास्टिक टांग कर रह रहे खानाबदोश दंपति की दिनों से रह रहे थे. इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है और इस ठंड से बचने का की साधन उनके पास नहीं था, जिसके कारण दोनों ठंड की चपेट में आ गए, पहले ठंड के कारण पत्नी बीमार हुई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इसके बाद उसके पति की भी दूसरे दिन ठंड के कारण मौत हो गई.

 खानाबदोश की जिंदगी जी रहे थे दंपति

स्थानीय वार्ड पार्षद सोमनाथ रजक ने बताया कि दोनों खानाबदोश की जिंदगी जी रहे थे चक्रधरपुर के पांच मोड में प्लास्टिक टांग कर रहते थे दोनों की मौत कथित रूप से प्रथम दृष्टया ठंड से होने का अनुमान लगाया जा रहा है. क्योंकि दोनों इस बढ़ती कड़ाके की ठंड में मात्र एक प्लास्टिक के नीचे अपना सिर छुपा कर रह रहे थे. रात में बढ़ती ठंड में भी इन्हें राहत नहीं मिली. जिसके कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि ठंड की चपेट में आकर दंपति की एक के बाद एक मौत हो गई. दोनों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है.

 सोमनाथ रजक ने बताया कि दोनों खानाबदोश की जिंदगी जी रहे थे और चक्रधरपुर इलाके में भिक्षाटन कर गुजारा कर रहे थे. उन्हें बीते दिनों सूचना मिली की पांच मोड में प्लास्टिक टांग कर रहे रहे खानाबदोश दंपति में से पत्नी की हालत गंभीर है. ठंड की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी हुई है. इस सूचना के बाद उन्होंने मानवता दिखाते हुए महिला को चक्रधरपुर के अनुमंडल अस्पताल में भर्ती करवाया था. लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी. इसके बाद उन्होंने महिला का अंतिम संस्कार भी करवाया था.

 लेकिन दूसरे ही दिन यह खबर पता चली कि उसके पति की भी मौत प्लास्टिक के नीचे रात गुजारते हुए हो गई है. सोमनाथ रजक ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उसके पति का भी अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया. सोमनाथ रजक का कहना है कि बढती ठंड में गरीबों को राहत कैसे मिले इस पर सरकार को विशेष रूप से अब ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि अब तेजी से मौसम का पारा लुढ़क रहा है.

 कहीं अलाव की नहीं है व्यवस्था

चक्रधरपुर में हाड़ कम्पा देने वाली गरीब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. अलाव की भी व्यवस्था प्रशासन के द्वारा कहीं भी नहीं की जा रही है जिसके कारण गरीब ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. सोमनाथ रजक ने गरीबों की इस ठंड में बढ़ती परेशानी को नजर में रखते हुए प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर विशेष रूप से ध्यान देने की मांग की है. आरपीएफ जीआरपी की मौजूदगी में सोमनाथ रजक ने दोनों का एक के बाद एक अंतिम संस्कार करा दिया है.  मौके पर कांग्रेस नेता शेखावत हुसैन, रकीब खान, सन्नी खान, सानपति और सान बाबु मौजूद थे.

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