
कौन हैं “अल्पा शाह”? जिससे ब्रिटेन में मिलेंगे सीएम हेमंत ,क्यों झारखंड में भाजपा-कांग्रेस में छिड़ा जंग ? पढ़िए खबर में
जन. 19
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न्यूज डेस्क
रांची ( RANCHI) : सीएम हेमंत सोरेन इन दिनों दो देशों के विदेश यात्रा पर हैं. इसी दौरान सीएम हेमंत सोरेन अपने ब्रिटेन के दौरे पर 23 जनवरी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अल्पा शाह से मिलेंगे, जिसको लेकर राज्य में विवाद शुरू हो गया है. भाजपा ने प्रोफेसर अल्पा शाह से मिलने पर सवाल खड़ा किया है, पूर्व सीएम बाबूलाल ने सीएम हेमंत सोरेन से पूछा है कि वे जिससे मिलने जा रहे हैं, क्या उनके बारे में वे जानते हैं. वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का बचाव किया है. कांग्रेस का कहना है कि हेमंत सोरेन अं तरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड को पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, तब भाजपा उन्हें बदनाम करने में लगी है.
"अर्बन नक्सल" और वामपंथी एजेंडे के समर्थक हैं अल्फा शाह – बाबूलाल
प्रोफेसर अल्पा शाह से सीएम के मिलने की सूचना पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर बड़ा निशाना साधा.श्री मरांडी ने कहा कि क्या झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को पता भी है कि वो किससे मिलने जा रहे हैं? मरांडी ने कहा कि सीएम का विदेश दौरा का एजेंडा बताया जा रहा है—"Sustainable Development". लेकिन क्या मुख्यमंत्री जी और उनके सलाहकारों को इस 'विशिष्ट अतिथि' की असलियत पता है?
श्री मरांडी ने कहा अल्पा शाह वही हैं जिन्हें उनके विचारों और लेखन के लिए "अर्बन नक्सल" और वामपंथी एजेंडे का समर्थक माना जाता है,इनकी पुस्तकें, जैसे "Nightmarch: Among India's Revolutionary Guerrillas" (नक्सलियों के बीच मेरे बीते दिनों की रोमांचक गाथा), सीधे तौर पर नक्सलियों के प्रति सहानुभूति और उन्हें 'क्रांतिकारी' बताने का प्रयास करती हैं.
उन्होंने कहा कि यह वही विचारधारा है जो कश्मीर को भारत से अलग करने और जनमत संग्रह की वकालत करती है,भारतीय सुरक्षा बलों पर अनर्गल आरोप लगाती है. आदिवासियों को दिग्भ्रमित करती है, सामाजिक वैमनस्य फैलाने का काम करती है.
मरांडी ने कहा कि प्रश्न सीधा है ,क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को ऐसी महिला से मिलना शोभा देता है, जिनका रिकॉर्ड भारत विरोधी बयानों और नक्सलवाद के महिमामंडन से भरा पड़ा हो? क्या यह झारखंड की जनता और हमारे शहीद ों का अपमान नहीं है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, विदेशी धरती पर किस विचारधारा को मंच दे रहे हैं,इसपर विचार करें.

भाजपा जानबूझकर शिक्षा और शोध संस्थानों को भी राजनीति का अखाड़ा बना रही - ऋषीकेश सिंह
बाबूलाल मरांडी के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कहा कि झारखण्ड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर अल्पा शाह से मुलाकात को लेकर दिया गया बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भाजपा की नकारात्मक, भ्रम फैलाने वाली और देश को बांटने वाली राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है.
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड के विकास, निवेश, आदिवासी हितों और Sustainable Development जैसे गंभीर विषयों पर संवाद के लिए जाते हैं, न कि किसी के निजी विचारों का समर्थन करने. भाजपा जानबूझकर शिक्षा और शोध संस्थानों को भी राजनीति का अखाड़ा बना रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बाबूलाल मरांडी यह बताएं कि जब लालकृष्ण आडवाणी पाकिस्तान जाकर जिन्ना की मजार पर श्रद्धांजलि देते हैं, तो क्या उन्होंने तब किसी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लिया था? कारगिल जैसे भीषण युद्ध के बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी जी ने लाहौर बस यात्रा शुरू की, क्या वह आतंकवाद का समर्थन था या शांति की पहल? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना बुलाए पाकिस्तान जाकर वहां के प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हैं, क्या तब भाजपा की देशभक्ति सो रही थी? और आज बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा हो रही है इसके बावजूद वहां के पूर्व प्रधानमंत्री को भारत में शरण दी गई है, तब भाजपा का राष्ट्रवाद कहां चला जाता है?
ऋषीकेश सिंह ने कहा कि दरअसल भाजपा का चरित्र अवसरवादी है. जब खुद करते हैं तो उसे कूटनीति कहते हैं और जब कोई और करे तो उसे देशद्रोह बताने लगते हैं. यही दोहरा मापदंड आज बाबूलाल मरांडी के बयान में साफ दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि आज जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड को पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, तब भाजपा उन्हें बदनाम करने में लगी है. यह न केवल मुख्यमंत्री का अपमान है, बल्कि झारखंड की जनता की आकांक्षाओं का भी अपमान है.











