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रोजगार के नाम पर तमिलनाडु में बंधक बनी झारखंड की चार बच्चियां, विधायक सोनाराम सिंकू के प्रयास से बंधकों से मिली मुक्ति

  • लेखक की तस्वीर: Jay Kumar
    Jay Kumar
  • 2 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

नोवामुंडी, प. सिंहभूम: पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड से एक गंभीर मामला सामने आया, जहां रोजगार दिलाने के नाम पर चार नाबालिग बच्चियों को तमिलनाडु ले जाकर बंधक बनाए जाने का आरोप लगा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकू के प्रयास से चारों बच्चियों को सुरक्षित वापस लाया गया।


बताया गया कि विगत 8 मार्च को बच्चियों के परिजन विधायक से मिले और पूरे मामले की जानकारी देते हुए बच्चियों को सुरक्षित घर वापस लाने की गुहार लगाई। शिकायत मिलते ही विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को मामले की जानकारी दी और जांच कर बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने का निर्देश दिया।


इसके बाद विधायक सोनाराम सिंकू ने अपने स्तर पर भी पहल करते हुए तमिलनाडु में मौजूद अपने परिचित लोगों से संपर्क किया और बच्चियों के बारे में जानकारी जुटाई। उनके प्रयासों से चारों बच्चियों को ट्रेन के माध्यम से सोमवार को झारखंड लाया गया। इसके बाद उन्हें जगन्नाथपुर थाना में पुलिस पदाधिकारी, डालसा की पीएलवी और विधायक प्रतिनिधियों की उपस्थिति में उनके माता पिता के हवाले कर दिया गया।


डालसा की पीएलवी प्रमिला पात्रो ने बताया कि चारों बच्चियां पश्चिम सिंहभूम के खनन बहुल इलाके की रहने वाली हैं. परिजनों का आरोप है कि बच्चियों को रोजगार का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया गया था, जहां उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया और घर लौटने नहीं दिया जा रहा था।


वहीं विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की। इस मौके पर जगन्नाथपुर थाना के एसआई विश्वनाथ हेब्रम, विधायक प्रतिनिधि रंजीत गगाराई, रोशन पान, कांति तिरिया, सुशिल हेस्सा, मोहम्मद शरुक, पप्पू अहमद सहित कई लोग मौजूद थे।

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