बुनियादी समस्याओं और बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर ग्रामीणों से संवाद
- Jay Kumar

- 2 दिन पहले
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नोवामुंडी, प. सिंहभूम: ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं तथा कम उम्र के बच्चों में बढ़ती बीड़ी-सिगरेट और नशे की प्रवृत्ति को लेकर आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पोखरपी टोला बिचागुटू में ग्रामीणों के साथ संवाद किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने सामाजिक प्रतिनिधियों के समक्ष गांव में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं को रखा तथा इनके समाधान में सहयोग करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले समाज को स्वयं जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण सामाजिक स्तर पर जागरूक होंगे, तभी उनकी समस्याएं सरकार और संबंधित विभागों तक प्रभावी ढंग से पहुंच पाएंगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से लोग यह समझ सकेंगे कि कौन-सी समस्या किस विभाग से जुड़ी है, किस अधिकारी से संपर्क करना है और उसकी क्या प्रक्रिया है। इससे समस्याओं का समाधान आसान होगा।
प्रदेश कोषाध्यक्ष शंकर सिदु ने कहा कि आज गांव-गांव में कम उम्र के बच्चे बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशे की आदतों की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों और अभिभावकों के बीच सम्मान और संवाद की कमी के कारण यह समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी हानिकारक प्रवृत्तियों से समाज में कई अप्रिय और आपराधिक घटनाएं भी सामने आ रही हैं, इसलिए इसे रोकने के लिए ग्रामीणों को आगे आना होगा।
उन्होंने बताया कि आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के तत्वावधान में नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन, सिंगी एंड सिंगी सोसाइटी तथा मिलन चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से लगातार सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत भाषा-संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं से इस अभियान से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील भी की गई।इस अवसर पर लोकेसाई ग्रामीण मुंडा बामिया बोबोंगा, गोनो लागुरी, चट्टान सिंह लागुरी, विक्रम लागुरी, किष्ठो लागुरी, रोशन लागुरी, जेम्स लागुरी, सुरेश लागुरी, बुधराम लागुरी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।





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