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बिरसा मुंडा का जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष की देता है प्रेरणा : सन्नी उरांव

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 10 जून
  • 2 मिनट पठन

करिका में पुण्यतिथि पर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि, छऊ नृत्य व मेले का हुआ आयोजन




बंदगांव प्रखंड के करिका गांव में मंगलवार को वीर बिरसा मुंडा मेमोरियल क्लब के तत्वावधान में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सह झामुमो नेता सन्नी उरांव तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिप सदस्य जसफीन हमसाय, झामुमो नेता विवेक सिंह विक्की एवं मुखिया रजनी पुष्पा हेम्ब्रम उपस्थित रहीं।.मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सन्नी उरांव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले महान जननायक थे। बिरसा मुंडा का पूरा जीवन अन्याय, शोषण और दमन के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। उनका जीवन आज भी युवाओं को अपने अधिकारों, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा आज झारखंड की पहचान पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा के नाम से होती है। जब दूसरे राज्यों के लोग झारखंड आते हैं तो गर्व से कहते हैं कि वे बिरसा मुंडा की धरती पर आए हैं। इसलिए नई पीढ़ी को उनके जीवन, विचारों और संघर्षों को जानना और समझना चाहिए। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में न्याय, समानता और भाईचारे को मजबूत करना होगा। 


मशाल जुलूस निकाला, छऊ एवं आदिवासी लोकनृत्य की दिखी झलक


वहीं आयोजन समिति के संरक्षक जदुराय मुंडरी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, अपनी पहचान और अधिकारों की रक्षा करने तथा समाज को एकजुट रखने का संदेश दिया है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम एक मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण कर सकते हैं। इससे पूर्व भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर करिका के बरगद चौक से मशाल जुलूस निकाला गया, जो बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। जुलूस के दौरान भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें,जय झारखंड एवं अन्य नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक छऊ एवं आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में संरक्षक जदुराय मुंडरी, पूर्व अध्यक्ष कांडे मुंडा, गोपाल मुंडा, बिरसा मुंडू, हीरालाल प्रधान, लाम्बो मुंडू, डीड़ू मुंडू, प्रदीप बोदरा, गालू सांडी पुरती, जेटा मुंडा, कालीदास पुरती, सुखराम मुंडू, करकटा बगराय मुंडू, सिनु मुंडा, नंदलाल मुंडू, सावन पूर्ति, दसाय मुंडू, जुरा मुंडू, लोसा मुंडा, लेम्सा मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। 

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