डांगवापोसी में 100 फीट की ऊंचाई से गिरकर ठेका मजदूर की मौत, रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- Rahul
- 4 घंटे पहले
- 2 मिनट पठन

चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। चक्रधरपुर रेल मंडल के डांगवापोसी क्षेत्र में रेलवे के काम के दौरान एक ठेका मजदूर की करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान समीर खान उर्फ राजू के रूप में हुई है, जो पश्चिमी सिंहभूम के गुआ का रहने वाला बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, डांगवापोसी के सिक लाइन में स्थित एक शेड की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान समीर खान करीब 100 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर टीन शेड लगाने का काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे फर्श पर जा गिरा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में घायल समीर खान को इलाज के लिए नोवामुंडी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने का आरोप
इस हादसे के बाद रेलवे में ठेका मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि करीब 100 फीट की ऊंचाई पर जोखिम भरा काम करने के बावजूद समीर खान को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बताया जा रहा है कि उसे न तो सेफ्टी बेल्ट दी गई थी और न ही पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराये गए थे। यही नहीं इसपर भी सवाल खड़े हो रहे हैं की मौके पर इतने जोखिम भरे कार्य का कौन रेल अधिकारी मोनिटरिंग कर रहा था. मजदुर को इस कार्य की ट्रेनिंग दी गयी थी या नहीं.
मजदूरों का आरोप है कि ऊंचाई पर काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने के कारण समीर खान को अपनी जान गंवानी पड़ी। ठेका मजदूरों में इस घटना को लेकर नाराजगी बताई जा रही है।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना ने चक्रधरपुर रेल मंडल में ठेका मजदूरों से कराए जा रहे कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूरों का कहना है कि कई बार ठेका मजदूरों से जोखिम भरे काम तो कराए जाते हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में रेलवे और संबंधित ठेकेदार का पक्ष सामने आना बाकी है।
स्थानीय लोगों और मजदूरों ने घटना की निष्पक्ष और ठोस जांच की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित रेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
मजदूरों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी अन्य मजदूर को काम के दौरान अपनी जान न गंवानी पड़े।





टिप्पणियां