नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कठोर सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
- Rahul
- 2 दिन पहले
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चाईबासा: नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में चाईबासा की विशेष पॉक्सो अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। पुराने मामले में दोषी पाए गए अखिलेश सिंह को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला चक्रधरपुर थाना कांड संख्या 08/2020 से जुड़ा है। 24 जनवरी 2020 को नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपहरण करने के आरोप में अखिलेश सिंह, पिता राजेन्द्र सिंह, निवासी पम्पु रोड, चक्रधरपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआती तौर पर मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 363/34 के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले के अनुसंधान के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किया और न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366(ए), 376(2)(एन), 376(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो केस संख्या 19/2020 में हुई। 31 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने सुनाई सजा
पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं, भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 366 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया।
अदालत के इस फैसले को नाबालिग के खिलाफ गंभीर अपराधों में कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।





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