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नाम के शब्दों से भावनात्मक लगाव बढ़ता है - बाबूलाल मरांडी

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 3 दिस॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

 

न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी तंत्र और भवनों को जनता से जोड़ने के लिए किया पहल. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज भवन  का नाम लोक भवन करने केलिए प्रधानमंत्री जी का एवं निर्णय को झारखंड में अविलंब लागू करने पर बधाई शुभकामनाएं दी.

 

श्री मरांडी ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता को शासक बोध से हटाकर लोक  सेवा के रूप में  स्थापित करने की लगातार पहल की है. कहा कि चाहे मंत्री गण ,वरीय पदाधिकारियों के गाड़ियों से लाल पीली बत्ती हटाने का निर्णय हो या फिर राज पथ को कर्तव्य पथ बनाना,प्रधानमंत्री आवास को लोक कल्याण मार्ग ,केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन,राजभवन को लोक भवन और पीएमओ को सेवा तीर्थ के रूप में नामांकित करना जैसे निर्णय लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खुद को प्रधानमंत्री की जगह प्रधान सेवक कहलाना तय किया है. कहा कि इतना ही नहीं विकलांग शब्द को हटाकर दिव्यांग कहना यह बताता है कि प्रधानमंत्री जी भारत के एक एक नागरिक की भावनाओं के कितने करीब हैं. श्री मरांडी ने कहा कि ये शब्दों का परिवर्तन मात्र नहीं बल्कि मोदी सरकार की नीति और नीयत को दर्शाता है.  

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