ट्रेन से उतारा, शराब पिलाई… फिर गला दबाकर नदी में फेंका! चक्रधरपुर में बबलू लोहार हत्याकांड का खुलासा
- Rahul
- 2 दिन पहले
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लौड़िया नदी से मिला था शव, मां की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज; पुलिस ने 23 वर्षीय आरोपी बुलो पुरती उर्फ लक्ष्मण पुरती को किया गिरफ्तार

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर में युवक की हत्या कर शव नदी में फेंके जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लौड़िया नदी से मिले अज्ञात शव की पहचान पातु कॉलोनी निवासी करीब 35 वर्षीय बबलू लोहार के रूप में हुई थी। मृतक की मां कोला लोहार के लिखित आवेदन पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और जांच के बाद एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 साल के बुलो पुरती उर्फ लक्ष्मण पुरती के रूप में हुई है जो कि चक्रधरपुर के सिरकासाई वार्ड नंबर-1, पाऊड़ी मंदिर के सामनेका रहनेवाला है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बबलू लोहार की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के लौड़िया नदी के पास एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद पहचान होने तक शव को चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के शीत गृह में सुरक्षित रखा गया। इसके बाद पुलिस पदाधिकारियों और चौकीदारों की मदद से आसपास के लोगों और संबंधित परिवारों तक सूचना पहुंचाई गई।
शव की पहचान पातु कॉलोनी वार्ड नंबर-1 निवासी 65 वर्षीय कोला लोहार ने अपने बेटे बबलू लोहार के रूप में की। इसके बाद मृतक की माँ की लिखित शिकायत पर 10 अगस्त को चक्रधरपुर में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बबलू की हत्या का आरोप उसके दोस्त बुलो पुरती उर्फ लक्ष्मण पुरती पर लगाया गया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी बुलो पुरती और बबलू लोहार पिछले करीब 12 वर्षों से एक दोस्त की तरह रहते थे और हैदराबाद में सेंटरिंग का काम करते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी बीते 21 जुलाई को पत्नी की डिलीवरी के कारण हैदराबाद से चक्रधरपुर वापस आया था।
इसी दौरान बबलू को लेकर ग्रामीणों के बीच कुछ अफवाहें फैलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार गाँव में अफवाह फैली थी कि बबलू लोहार बुलो पूर्ति की हत्या करने वाला है, इन्हीं बातों को लेकर आरोपी कथित तौर पर नाराज था और उसने बबलू की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 7 अगस्त को उसने बबलू के साथ बैठकर चिकन और शराब का सेवन किया। पुलिस का दावा है कि शराब पीने के बाद जब बबलू नशे में हो गया, तब आरोपी उसे अपनी काले रंग की स्कूटी में बिठा कर सिलफोड़ी नदी की ओर ले गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने बबलू का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया।
हालांकि, पुलिस के अनुसार आरोपी के इस कथित स्वीकारोक्ति बयान और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के अन्य साक्ष्यों से की जा रही है। इससे पहले परिजनों ने आरोप लगाया था कि बबलू को उसके कुछ साथी घर से बहाने से बुलाकर ले गए थे और इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी काफी तलाश की थी। दो दिन बाद नदी में शव मिलने पर परिजनों का शक गहरा गया। बबलू की मां ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की हत्या कर शव नदी में फेंका गया है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब पुलिस की जांच में बुलो पुरती की गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ आया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी को मामले की जानकारी दी गई। थाना प्रभारी अवधेश कुमार के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता और पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी बुलो पुरती उर्फ लक्ष्मण पुरती को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बताई जा रही काले रंग की स्कूटी को भी जब्त किया है।
हत्या के इस मामले को सुलझाने में सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक राम प्रताप सिंह और चक्रधरपुर थाना के सशस्त्र बल का अहम योगदान रहा. इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दोस्ती और साथ काम करने वाले दो युवकों के बीच ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या तक पहुंच गया। पुलिस की जांच में अब इस पूरी कहानी की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।





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