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आय से अधिक संपत्ति मामले में IRCTC के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक को 3 साल की सजा

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 1 दिन पहले
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लखनऊ: आय से अधिक संपत्ति के मामले में लखनऊ की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अदालत ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक कृष्ण मोहन त्रिपाठी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 14 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


सीबीआई के मुताबिक, यह मामला वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था। इससे पहले 31 अक्टूबर 2009 को कृष्ण मोहन त्रिपाठी को 70 हजार रुपये की अवैध राशि मांगने और स्वीकार करने के आरोप में सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसी ट्रैप मामले की जांच के दौरान उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की पड़ताल की गई, जिसमें ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ।


जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 13 दिसंबर 2011 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर साबित किया कि आरोपी के पास 1 करोड़ 44 लाख 2 हजार 221 रुपये की आय से अधिक संपत्ति थी। यह उनकी कुल ज्ञात आय से 102.53 प्रतिशत अधिक पाई गई।


मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को आय से अधिक संपत्ति रखने का दोषी माना। इसके बाद अदालत ने कृष्ण मोहन त्रिपाठी को तीन वर्ष के कारावास और 14.75 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने अपना निर्णय सुनाया।

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