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NGT के रोक में भी ट्रैक्टर में अवैध बालू कारोबार जारी, रात में ट्रैक्टर में भर-भर कर हो रही बालू की चोरी, थाना में कटता है अवैध बालू ट्रैक्टर एंट्री का टिकट 

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 18 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

चाईबासा: एक तरफ जहाँ पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन अपने आम नागरिकों को सस्ता बालू उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है। वही जिले में NGT की रोक होने पर भी ट्रैक्टर में भर भर कर बालू माफिया चार गुना महंगी कीमत पर बालू बेच रहे हैं। 5 हजार का बालू ट्रैक्टर में अब 20 हजार तक बेचा जा रहा है। खरीदार की मज़बूरी का पूरा फायदा उठाते हुए ट्रैक्टर से बालू बेचने वालों ने लूट मचा कर रख दी है। हाइवा में बालू की ढुलाई NGT की रोक से ही बंद है। 


रात के अंधेरे में हो रहा सारा खेल


लिहाजा हाइवा नहीं चलने के कारण ट्रैक्टर में बालू बेचने वालों की मौज है। हैरानी की बात यह है कि बालू का यह अवैध कारोबार जिले के सोनुआ, गोईलकेरा, मनोहरपुर, गुदड़ी जैसे इलाकों से धड़ल्ले से हो रहा है। बालू घाटों पर रात होते ही ट्रैक्टरों की भीड़ लग जा रही है। भोर होते होते ट्रैक्टर बालू लेकर खरीदार के बताए जगह पर अनलोड कर फरार हो जा रहे हैं। 


रामचंद्रपुर और सिल्फोड़ी इलाका बना ठिकाना


खास बात यह भी है कि चक्रधरपुर पुलिस थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर और सिल्फोड़ी इलाके में ट्रेक्टर में बालू भर भर कर पहुंच रही है और एक जगह इसका भण्डारण भी खुलेआम किया जा रहा है। इसके बाद यहां से जरुरत के हिसाब से खरीदार तक ट्रैक्टर में भरकर पहुंचाया जा रहा है। जिले में बालू का अवैध खनन और परिवहन NGT की रोक के बावजूद कैसे जारी है। इसका जवाब प्रशासन के पास भी नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां सब कुछ सेट है।



तय जगहों पर छापामारी कर पूरी होती औपचारिकता


थाना में चढ़ावा के साथ बालू से लदा ट्रेक्टर की एंट्री थाना क्षेत्र में सुरक्षित हो जा रही है। थाना में चढ़ावा देकर जितना चाहो बालू लूटो जनता से पैसे लूटो. बालू माफियाओं को इस लूट की पूरी छूट दी जा रही है। वहीं खनन विभाग भी पिक एंड चूज की तरह अपने समय में अपने तय जगहों पर छापामारी कर अपनी ड्यूटी की औपचारिकता पूरी करने के सिवाय ज्यादा कुछ कर भी नहीं रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, जिन्हें मानसून की झमाझम बारिश से पहले भवन निर्माण पूरा करना है उनकी मज़बूरी का पूरा फायदा उठाया जा रहा है। 


चार गुना महंगी बालू की हो रही खरीदारी

 

इस बालू के लूट के भंवर में सरकारी आवास योजना के लाभुक भी फंसे हैं। सरकार ने आवास पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं सरकार यह नहीं बता रही कि भवन निर्माण के लिए लाभुक को बालू कहां से मिलेगा। सरकारी दबाव का फायदा बालू माफिया उठाने लगे हैं। चार गुना महंगी प्रत्येक ट्रैक्टर बालू की खरीद में ही आवास योजना के लाभुकों का ज्यादातर पैसा उड़ जा रहा है।  ऐसे में उनका आवास कैसे पूरा होगा, यह भी चिंता लाभुकों को खाए जा रही है।


 कुल मिलाकर कहा जाए तो जनता की जरुरत के सामान को जब सरकार भी उपलब्ध नहीं करा पाती है तो उसकी खरीद बिक्री में अराजकता और भ्रष्टाचार का नंगा नाच होना स्वाभाविक है। अब बालू की अवैध कमाई का ऐसा स्वर्णिम काल जिले में चल रहा है कि यहां बालू माफिया से लेकर कुछ भ्रष्ट अधिकारी अवैध कमाई में गोते लगा रहे हैं।

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