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चक्रधरपुर रेल मंडल में बढ़ रहा अलार्म चेन पुलिंग का अपराध, राउरकेला में 3 साल में 476 मामले दर्ज, 467 गिरफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 3 दिन पहले
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राउरकेला (संजीव खेस):

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से कई व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण आपातकालीन व्यवस्था अलार्म चेन पुलिंग (ACP) है। लेकिन कुछ रेल यात्री इसका गलत इस्तेमाल कर ट्रेनों को बेवजह रोक रहे हैं, जिससे ट्रेन परिचालन प्रभावित हो रहा है और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाले चक्रधरपुर रेल मंडल में अलार्म चेन पुलिंग के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रेलवे नियमों के अनुसार बिना किसी वास्तविक आपात स्थिति के अलार्म चेन खींचना अपराध है। ऐसे मामलों में जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।



रेलवे रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत राउरकेला में अलार्म चेन पुलिंग के 173 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें 172 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनसे 87 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला गया।


वहीं, वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 208 मामलों तक पहुंच गया। इस दौरान 202 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1 लाख 3 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला गया।


इसके अलावा वर्ष 2026 के मई माह तक 95 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 93 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनसे 26 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह पिछले तीन वर्षों में कुल 476 मामले दर्ज हुए और 467 लोगों को गिरफ्तार किया गया।


सूत्र की माने तो अलार्म चेन पुलिंग का इस्तेमाल केवल वास्तविक आपात परिस्थितियों जैसे मेडिकल सहायता की जरूरत, आग लगने की स्थिति या सुरक्षा संबंधी खतरे के समय ही किया जाना चाहिए। लेकिन कई रेल यात्री बिना वजह चेन पुलिंग कर देते हैं और बाद में अलग-अलग बहाने बनाते हैं। कोई कहता है कि वह सो गया था, कोई ट्रेन छूटने या परिवार के सदस्य के पीछे छूट जाने की बात करता है, तो कोई सामान छूट जाने का कारण बताता है।


रेलवे का कहना है कि इस तरह की गलत हरकतों से ट्रेन में सफर कर रहे हजारों यात्रियों का समय खराब होता है और ट्रेन की समयबद्धता प्रभावित होती है। दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से यात्रियों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अलार्म चेन का इस्तेमाल केवल जरूरत के समय ही किया जाए।

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