कुइली नदी बनी काल, एक ही परिवार के मां-बेटे के पिता की भी मौत, तीसरी महिला अब भी लापता
- Rahul
- 2 दिन पहले
- 2 मिनट पठन
सारंडा में दर्दनाक हादसा, नदी पार करने के दौरान तीन लोग तेज धार में बहे; सोमवार सुबह से लापता महिला की तलाश जारी

चाईबासा: सारंडा के बहदा गांव में कुइली पहाड़ी नदी का उफान एक परिवार पर कहर बनकर टूटा। रविवार देर शाम नदी पार करने के दौरान पानी की तेज धार में बहे तीन ग्रामीणों में से दो के शव अब बरामद हो चुके हैं। पहले ग्रामीण मुंडा रोया सिद्धू की मां का शव मिला और अब उनके पिता बोसेन सिद्धू का शव भी बरामद कर लिया गया है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, तीसरी लापता महिला सुनीता सिद्धू की तलाश सोमवार सुबह से लगातार जारी है।
बताया जाता है कि रविवार को तीनों ग्रामीण एक ग्रामीण के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक कुइली नदी का जलस्तर बढ़ गया। पहाड़ी इलाके में हुई बारिश के कारण नदी का बहाव इतना तेज था कि तीनों ग्रामीण खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते पानी की धार में बह गए।

हादसे की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने नदी के आसपास खोजबीन शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा एक महिला का शव बरामद किया गया। इसके बाद लगातार तलाश जारी रही और सोमवार को मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू का शव भी बरामद कर लिया गया।
दो शव मिलने के बाद बहदा गांव में गम का माहौल है। एक ही परिवार के मां और पिता की मौत से परिजन सदमे में हैं। दूसरी ओर, सुनीता सिद्धू की तलाश में ग्रामीण नदी के किनारे और आसपास के इलाकों में लगातार जुटे हुए हैं। तेज बारिश और नदी की खतरनाक धार के बीच खोज अभियान चलाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें कुइली नदी पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि लापता महिला का जल्द पता चल सकेगा।





टिप्पणियां