झारखंड में हेमंत सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर रोक
- Rahul
- 19 घंटे पहले
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रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही सियासत के बीच हेमंत सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत JPSC और JSSC की 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया था।
सरकार ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जांच रिपोर्ट के आधार पर इन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब सफल अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट के फैसले से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
सरकार के फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया था, जिन्होंने कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की थी। इनमें ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो चयन के बाद सरकारी सेवा में योगदान दे चुके हैं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि सरकार ने उनका पक्ष सुने बिना ही परीक्षा और उसके बाद की नियुक्तियों को रद्द कर दिया। अदालत में इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया।

कौन-कौन सी परीक्षाएं आईं थीं सरकार के फैसले की जद में?
रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं।
इनमें सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर, असिस्टेंट इंजीनियर, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुई भर्तियां भी शामिल थीं।
सरकार ने क्यों रद्द की थीं परीक्षाएं?
राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के बाद यह बड़ा फैसला लिया था। सरकार की ओर से सीआईडी और एसआईटी की जांच के निष्कर्षों का हवाला दिया गया था।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए JPSC और JSSC को लेकर एक समिति के गठन की बात भी सामने आई थी।

अब आगे क्या?
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद 22 परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। खासकर वे अभ्यर्थी, जो चयनित होकर सरकारी सेवा में योगदान दे चुके हैं, उनके सामने खड़े नौकरी जाने के खतरे पर फिलहाल रोक लग गई है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार की जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं पर आगे कार्रवाई होगी और क्या पूरी भर्ती प्रक्रिया को अदालत अंतिम रूप से बरकरार रखेगी?
यानी झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। एक तरफ सरकार की जांच और अनियमितताओं का सवाल है, तो दूसरी तरफ हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य और नौकरी का सवाल। अब सबकी नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर है।

बड़ी बातें:
22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के सरकारी फैसले पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक
JPSC और JSSC के सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
सरकार ने कथित अनियमितताओं के आधार पर लिया था फैसला
चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
अभ्यर्थियों का आरोप—बिना पक्ष सुने रद्द की गई परीक्षा और नियुक्तियां
कई चयनित अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन कर चुके हैं
अब भर्ती प्रक्रिया के भविष्य पर हाईकोर्ट के अगले आदेश का इंतजार





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