JPSC धांधली में CID का बड़ा वार, पूर्व सदस्य का PA गिरफ्तार | CID, JPSC irregularities case; former member's PA arrested.
- Jay Kumar

- 21 मिनट पहले
- 2 मिनट पठन
इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख वसूलने का आरोप, जांच में गिरफ्तारी का आंकड़ा 22 पहुंचा CID, JPSC irregularities case; former member's PA arrested.

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा कथित धांधली मामले में CID ने एक और बड़ा शिकंजा कसा है। जांच एजेंसी ने JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को गिरफ्तार किया है। उस पर JPSC में इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये वसूलने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में CID की कार्रवाई और तेज हो गई है और अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 22 पहुंच गई है।
CID, JPSC irregularities case; former member's PA arrested
बीएन राम की गिरफ्तारी को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। आरोप है कि JPSC की प्रक्रिया में प्रभाव का इस्तेमाल कर इंटरव्यू में मदद दिलाने के नाम पर बड़ी रकम की वसूली की गई। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम किस-किस तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
कौन हैं अजिता भट्टाचार्य?
मामले की जांच के घेरे में JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य भी रह चुकी हैं। CID ने उन्हें समन जारी कर लंबी पूछताछ की थी। अजिता भट्टाचार्य ने 9 अगस्त को JPSC सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव और पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद और CID जांच के बीच उनका इस्तीफा भी चर्चा में रहा।
JSSC-CGL पर भी CID की नजर
JPSC के बाद अब CID की नजर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा पर भी है। 17 अगस्त को CID की टीम ने JSSC कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की और वर्ष 2024 की CGL परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड तथा चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच एजेंसी यह खंगाल रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कहीं नियमों से खिलवाड़, दस्तावेजों में गड़बड़ी या किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई।
14 अगस्त को भी प्रदेशभर में पड़ा था छापा
इससे पहले 14 अगस्त को JPSC की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में CID ने प्रदेशभर में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। केस नंबर 16/2026 में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आदित्य पांडे, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडे को गिरफ्तार किया गया था।
अब बीएन राम की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर मोड़ दे दिया है। 40 लाख की कथित वसूली से लेकर इंटरव्यू मैनेज कराने के आरोप तक, CID अब उस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है जिसने झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।





टिप्पणियां