कोड़ा दंपती के कड़े तेवर के बाद जागा पुलिस-प्रशासन, कार्रवाई को मजबूर हुआ तंत्र
- Rahul
- 2 दिन पहले
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बड़ाजामदा हिंसक झड़प मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लॉज-घर-दुकान और स्क्रैप यार्ड सील

बड़ाजामदा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा में 29 अगस्त की रात हुई हिंसक झड़प और चाकूबाजी की घटना ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई सुस्त नजर आ रही थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा के कड़े तेवर तथा मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद मुख्य आरोपी स्क्रैप कारोबारी दिवाकर उर्फ दीपू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके ठिकानों पर भी प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।
नोवामुंडी बीडीओ पप्पू रजक की मौजूदगी में प्रशासन ने आरोपी के लॉज, आवास, दुकान और स्क्रैप यार्ड को सील कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज हो गई है।

लॉज में ठहरे युवकों से शुरू हुआ विवाद, फिर बरसे चाकू
जानकारी के अनुसार 29 अगस्त की देर रात दीपू सिंह के लॉज में ठहरे कुछ बाहरी युवकों का हरिया ईंट प्लांट के संचालक और उनके साथियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान धारदार चाकू और अन्य हथियारों से हमला किया गया। घटना में प्रीतम और विक्की नामक दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए नोवामुंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कार्रवाई पर उठ रहे थे सवाल
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। वहीं, पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। इसी बीच कोड़ा दंपती ने मामले को गंभीरता से उठाते हुए पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया और प्रशासन ने उसके ठिकानों को सील कर दिया।
पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छेड़खानी के आरोप ने मामले को और गंभीर बनाया
इस पूरे विवाद से जुड़े एक अन्य पहलू में कुछ दिन पहले एक नाबालिग के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार की बात भी सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस ने नहीं की है। स्थानीय स्तर पर आरोपी के खिलाफ पहले से विवादित गतिविधियों में शामिल होने की चर्चाएं भी हैं।
अब सवाल सिर्फ चाकूबाजी की घटना का नहीं, बल्कि यह भी है कि यदि राजनीतिक दबाव नहीं बनता तो क्या पुलिस इतनी तेजी से कार्रवाई करती? प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई ने इस सवाल को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, घटना से जुड़े एक अन्य पहलू में एक युवती के साथ कथित रूप से की गई अमर्यादित हरकत की बात भी सामने आ रही है, जिसकी पुलिस गंभीरता से पड़ताल कर रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार आरोपी पहले से विवादित गतिविधियों में शामिल रहा है, हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





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