कैंसर पीड़ित की मौत पर सियासी घमासान, रेलवे की व्यवस्था पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
12 घंटे विलंब से चल रही गीतांजलि एक्सप्रेस में हुई थी यात्री की मौत, कुणाल सारंगी और कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने भी की कार्रवाई की मांग

जमशेदपुर: मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस में कैंसर पीड़ित यात्री की मौत के मामले ने दो दिन बाद सियासी तूल पकड़ लिया है। 24 अक्टूबर को हुई इस घटना को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और रेलवे की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने घटना की निंदा करते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12859 के एम-2 कोच में सफर कर रहे पश्चिम बंगाल निवासी 45 वर्षीय विनोद पासवान की यात्रा के दौरान मौत हो गई थी। वह कैंसर का इलाज कराने मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल गए थे और लौट रहे थे। ट्रेन करीब 12 घंटे विलंब से चल रही थी। यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों को सूचना देने और शव को उतारने की मांग करने की बात कही। बाद में टाटानगर स्टेशन पर चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद यात्रियों को शव के साथ सफर करना पड़ा, जिसे लेकर रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठे।

झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्रालय को घेरते हुए घटना को शर्मनाक बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जमशेदपुर के सांसद पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाते हुए कहा कि पुरानी ट्रेनों को दोबारा शुरू करने के बजाय रेलवे व्यवस्था में सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रेल मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि किराया बढ़ने के बावजूद यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और ट्रेनों की देरी आम समस्या बन गई है।

वहीं, भाजपा नेता बबुआ सिंह ने घटना की निंदा करते हुए लापरवाह रेलकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने झामुमो और कांग्रेस को झारखंड सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाने की चुनौती दी।

चक्रधरपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य चौधरी के अनुसार, शाम 7:45 बजे यात्री के अचेत होने की सूचना मिली थी। ट्रेन रात 8:30 बजे टाटानगर पहुंची, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रेलवे ने मामले की जांच की बात कही है। अब सवाल है कि इस घटना में जिम्मेदारी किसकी तय होगी और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।





टिप्पणियां