‘स्पेशल ट्रेन’ या पुरानी ट्रेन का नया नाम? NEET अभ्यर्थियों के लिए रेलवे की घोषणा पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा चक्रधरपुर रेल मंडल
- Rahul
- 1 दिन पहले
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चक्रधरपुर: NEET-2026 परीक्षा को लेकर चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा राउरकेला से टाटानगर के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा अब रेलवे के लिए ही मजाक का विषय बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर रेल यात्रियों ने इस फैसले को लेकर सवालों की बौछार कर दी है और रेलवे पर आम यात्रियों तथा परीक्षार्थियों को भ्रमित करने का आरोप लगाया है।
चक्रधरपुर रेल मंडल ने परीक्षार्थियों की सहायता करना का दावा हुए घोषणा की है कि 21 जून को NEET परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए राउरकेला से टाटानगर के बीच विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। लेकिन यात्रियों का कहना है कि जिस ट्रेन को "स्पेशल ट्रेन" बताया जा रहा है, वह कोई नई ट्रेन नहीं बल्कि पहले से चल रही नियमित मेमू ट्रेन संख्या 68044 है, जो सप्ताह में छह दिन इसी रूट पर संचालित होती है। केवल रविवार को इसका परिचालन नहीं होता था, जबकि परीक्षा के दिन इसे रविवार को भी चलाने का निर्णय लिया गया है।

यात्रियों का कहना है कि किसी नियमित ट्रेन को एक दिन अतिरिक्त चलाकर उसे "स्पेशल ट्रेन" बताना लोगों को गुमराह करने जैसा है। सोशल मीडिया पर रेलवे की घोषणा के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
नियमित रेल यात्री सुरजीत बासु ने लिखा, "यह वही मेमू ट्रेन है जो इसी समय छह दिन चलती है। सिर्फ रविवार को भी चलेगी, इसलिए इसे स्पेशल बता दिया गया। असली स्पेशल ट्रेन का नंबर शून्य (0) से शुरू होता है।"
वहीं आशुतोष कुमार पांडे ने कटाक्ष करते हुए लिखा, "खुशखबरी तो रेलवे के लिए है। रोज चलने वाली ट्रेन को स्पेशल बताकर वाहवाही लूट रही है। पहले इसे समय पर चलाना सीखिए।"

सूर्यो सिंह पूर्ति ने लिखा, "संडे को भी यही ट्रेन चल जाएगी, इसमें नया क्या है?" जबकि न्यासा प्रसाद ने चिंता जताते हुए कहा, "यह ट्रेन अक्सर लेट चलती है। इसके भरोसे परीक्षा देने जाएंगे तो कहीं परीक्षा खत्म होने के बाद न पहुंच जाएं।"
यात्री अनुराग जायसवाल ने सुझाव दिया कि यदि रेलवे वास्तव में यात्रियों की सुविधा चाहती है तो इस ट्रेन को सप्ताह में सातों दिन नियमित रूप से चलाना चाहिए, जिससे आम यात्रियों को भी लाभ मिल सके।
सबसे बड़ा सवाल ट्रेन की समयबद्धता को लेकर उठ रहा है। यात्रियों का कहना है कि यह मेमू ट्रेन अक्सर टाटानगर देर से पहुंचती है। ऐसे में यदि परीक्षार्थी इसी ट्रेन पर निर्भर रहे और ट्रेन विलंबित हुई, तो उनके परीक्षा केंद्र समय पर पहुंचने पर भी संकट खड़ा हो सकता है। इससे उनकी महीनों की मेहनत और तैयारी पर पानी फिर सकता है।

फिलहाल, NEET अभ्यर्थियों के लिए "स्पेशल ट्रेन" की घोषणा करने वाला चक्रधरपुर रेल मंडल सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना कर रहा है। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे ने नई सुविधा देने के बजाय पहले से चल रही ट्रेन को नया नाम देकर प्रचार करने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि रेलवे इन सवालों का क्या जवाब देता है और परीक्षार्थियों की वास्तविक सुविधा के लिए आगे क्या कदम उठाता है। खास बात यह है कि रोजाना लेट चलने वाली यह ट्रेन परीक्षा के दिन समय पर चलेगी या नहीं इसपर सबकी नजर बनी रहेगी।
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