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शोभा यात्रा में अशांति फैलाने, भड़काउ गाना बजाने पर खैर नहीं, सीएम ने अधिकारियों को क्या दिया आदेश, पढ़िए खबर में  

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 4 दिन पहले
  • 4 मिनट पठन

न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे पर्व में राज्य में शांति और नागरिक सुरक्षा को लेकर सख्त रवैया अपनाया है. उन्होंने राज्य के सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि पर्व-त्यौहार के नाम पर अशांति, हिंसा और उप्रदव  नहीं होना चाहिए.  विधि व्यवस्था के संधारण में यदि कोई व्यवधान या खलल डालने का प्रयास करता है उस पर त्वरित कड़ा एक्शन लें, साथ ही पुलिस- प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहे. सीएम साफ –साफ कहा कि शोभा यात्रा में उत्तेजक और भड़काऊ गाने नहीं बजना चाहिए,  अधिकारी इसे हर हाल में सुनिश्चित करें.

 

इसी के मद्देनजर राज्य में विधि व्यवस्था को लेकर आज उच्च स्तरीय बैठक की. उन्होंने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/  पुलिस अधीक्षक से  आगामी पर्व- त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा, साफ-सफाई और  बिजली-पानी की आपूर्ति समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करने के क्रम में कई अहम निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सभी पर्व -त्यौहार संपन्न हों. त्यौहार के नाम पर अशांति, हिंसा और उप्रदव  नहीं हों. ऐसे में  पुलिस- प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहे.  विधि व्यवस्था के संधारण में खलल डालने वालों पर त्वरित एक्शन होना चाहिये. 

 

  पुलिस बलों की पर्याप्त तैनाती होनी चाहिए, इनफॉर्मर्स भी रखें

 मुख्यमंत्री ने  अधिकारियों से कहा कि ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के साथ हनुमान जयंती और महावीर जयंती समेत कुछ और पर्व भी मनाने की परंपरा चलती आ रही है. ऐसे में इन सभी पर्व- त्यौहारों के संपन्न होने तक सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की तैनाती रहे. सुरक्षा में तैनात सभी जवान हर वक्त सतर्क रहें. इनफॉर्मर्स को भी जोडें ताकि कोई भी एक्टिविटी  की जानकारी तुरंत प्रशासन के पास पहुंच सके.

 संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा  हो

 मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि चिन्हित किए गए संवेदनशील इलाकों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. यहां किसी भी सूरत में किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे शांति भंग होने की आशंका बने. उन्होंने जिलों को निर्देश दिया कि वे  सभी समुदाय के लोगों का सहयोग जरूर लें.

 भीड़ भाड़ वाले इलाके और जुलूस मार्ग की विशेष निगरानी हो

 मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से कहा कि पर्व - त्यौहार के मौके पर निकलने वाली शोभा यात्रा को लेकर जुलूस रूट तथा भीड़ भाड़ वाले इलाकों की विशेष निगरानी होनी चाहिए. इसके लिए जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन कर  सुरक्षा से संबंधित सारी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए. पुलिस बलों की तैनाती   के साथ  सुरक्षा से संबंधित तमाम उपकरणों की भी उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए.

 जुलूस के दौरान की तमाम एक्टिविटीज का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करें

 मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौके पर निकाली जाने वाली शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान की तमाम एक्टिविटीज का पूरा डॉक्यूमेंटेशन तैयार  करें. इससे आगे आने वाले  त्योहारों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित रणनीति तैयार करने में काफी सहूलियत होगी. 

 सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग पर्व - त्योहारों के मौकों पर अशांति और उपद्रव करने की जुगात में रहते हैं. ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें. इसके साथ सोशल मीडिया की भी लगातार निगरानी होनी चाहिए. सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर त्वरित एक्शन लें.

 महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम हो

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व- त्योहारों की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चों की भागीदारी भी होती है. ऐसे में उनकी सुविधा तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी वजह से कोई अप्रिय घटना हो जाय तो उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सारी तैयारियां होनी चाहिए.

 जुलूस मार्ग में सेफ जोन बनाएं, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था हो

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलूस मार्ग में जगह-जगह सेफ जोन बनाकर रखें. यहां आपातकालीन स्थिति से निपटाने की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए.  ताकि, कोई घटना अथवा दुर्घटना होती है तो लोगों को ऐसे सेफ जोन में सुरक्षित लाया जा सके.

 मुख्यमंत्री ने जिलों से विधि -व्यवस्था को लेकर की जा रही तैयारियों की ली जानकारी

 मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान  विधि -व्यवस्था संधारण के सिलसिले में की जा रही तैयारियों की जानकारी जिलों से ली। मुख्यमंत्री ने जिलों से कहा कि अगर किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसका समाधान तुरंत निकालें. इसमें सभी समुदायों का सहयोग  प्राप्त करें. त्योहारों के नाम पर किसी को अशांति पैदा करने की इजाजत नहीं होगी. सभी जिला प्रशासन अलर्ट मोड में रहे ताकि सभी त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.

 

 मुख्यमंत्री ने ये निर्देश भी दिए

 

◆ शोभा यात्रा के दौरान जुलूस मार्ग में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था हो.

 ◆ शोभा यात्रा में उत्तेजक और भड़काऊ गाने नहीं बजे,  इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए जिला प्रशासन सभी  पूजा समितियों और  अखाड़ों से समन्वय बनाकर उन्हें प्री- रिकार्डेड रिकॉर्ड गानों की पेनड्राइव उपलब्ध कराए.

 ◆ संवेदनशील स्थलों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था हो. पूरे शोभायात्रा की वीडियोग्राफी होनी चाहिए. जुलूस मार्ग में ड्रोन के माध्यम से एरियल सर्विलांस की भी व्यवस्था करें.

  ◆ फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा रोधी वाहनों और, वॉटर कैनन जैसे सभी सुरक्षात्मक उपकरणों- को तैयार रखें, ताकि आपातकालीन स्थिति में उसका त्वरित इस्तेमाल हो सके.

 ◆ शोभा यात्रा में शामिल होने वाले झण्डों की लंबाई को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने की पहल हो

  मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी (ऑपरेशन) टी कंडास्वामी, आईजी (स्पेशल ब्रांच) प्रभात कुमार, आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज और आईजी (प्रोविजन) मयूर पटेल मौजूद थे.

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