बीरराजपुर स्टेशन बनेगा चक्रधरपुर मंडल का प्रमुख माल ढुलाई केंद्र
एनआई कार्य पूरा, जीसीटी की कमीशनिंग से बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता और परिचालन दक्षता

कोलकाता: चक्रधरपुर रेल मंडल के बीरराजपुर स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन के विकास को नई गति मिली है। मंडल के पांचवें गुड्स कोचिंग टर्मिनल (जीसीटी) की कमीशनिंग के साथ बीरराजपुर का महत्व माल ढुलाई नेटवर्क में और बढ़ गया है। नए जीसीटी लाइन के शुरू होने से स्टेशन की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने के साथ लोडिंग और अनलोडिंग गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बीरराजपुर स्टेशन पर पहले से ही बड़े पैमाने पर माल ढुलाई गतिविधियां जारी हैं। मई में 33, जून में 34, जुलाई में 30, अगस्त में 42 तथा 25 सितंबर 2026 तक 29 रेक का अनलोडिंग किया गया। वर्तमान में कई कंपनियां यहां नियमित रूप से कोयला, लौह अयस्क और पेलेट सहित विभिन्न सामग्रियों का अनलोडिंग कर रही हैं। आने वाले दिनों में फ्लाई ऐश की लोडिंग समेत नए माल यातायात के जुड़ने की भी संभावना है।
एनआई कार्य के तहत यार्ड लाइनों में अतिरिक्त प्रावधान और आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इससे यार्ड की क्षमता बढ़ने के साथ ट्रेनों के परिचालन में अधिक लचीलापन आएगा। डाउन साइड में नई लाइन के प्रावधान से चांडिल की ओर से आने वाली कोचिंग ट्रेनों के डिटेंशन में कमी आने की उम्मीद है, जिससे ट्रेनों के सुचारू संचालन और समयपालन में मदद मिलेगी।
माल ढुलाई क्षमता बढ़ने से अधिक रेक का संचालन, माल की तेज आवाजाही और रेलवे के राजस्व में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। वहीं, पांचवें जीसीटी के कमीशनिंग से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और टर्मिनल गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ सकती है।
रेलवे के अनुसार, बीरराजपुर में किए गए एनआई कार्य और जीसीटी के विकास से स्टेशन की परिचालन क्षमता मजबूत होगी तथा चक्रधरपुर मंडल में इसे एक प्रमुख माल टर्मिनल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।





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