रेलवे के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में पहुंची हैकर की APK फाइल, कर्मचारियों से मांगे रुपये

चक्रधरपुर: चक्रधरपुर में एपीके फाइल के जरिए मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट हैक करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब साइबर अपराधियों ने रेलवे कर्मचारियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला चक्रधरपुर रेल मंडल के बिजली विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी से जुड़ा है, जिसका मोबाइल फोन कथित तौर पर एपीके फाइल के जरिए हैक कर लिया गया। इसके बाद उसके व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर रेलवे के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में भी संदिग्ध एपीके फाइल भेज दी गई।
बताया जा रहा है कि कर्मचारी के व्हाट्सएप से भेजी गई एपीके फाइल को देखकर ग्रुप में मौजूद कई रेलकर्मी भी साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए। हैकर ने कथित तौर पर कुछ रेल कर्मचारियों को निजी संदेश भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। संदेश में खुद को मुसीबत में बताते हुए दुर्घटना होने की बात कही गई और तत्काल मदद के नाम पर करीब 2000 रुपये मांगे गए। इसके लिए क्यूआर कोड भेजकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया।
इस दौरान एक महिला रेलकर्मी के व्हाट्सएप पर भी ऐसा ही संदेश पहुंचा। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सतर्कता दिखाई और रेलवे ग्रुप के अन्य सदस्यों को भी आगाह किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने तथा ऐसी फाइल मिलने पर तुरंत डिलीट करने की अपील की। साथ ही हैक किए गए नंबर से आने वाले संदेशों पर भरोसा नहीं करने की चेतावनी दी गई और उस नम्बर को ब्लाक कर दिया गया।
इस घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हैकर किसी आधिकारिक रेलवे ग्रुप तक पहुंच बना रहा है, तो भविष्य में इन ग्रुपों के माध्यम से साझा की जाने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं और संवेदनशील डेटा के दुरुपयोग का खतरा कितना गंभीर हो सकता है। मोबाइल फोन हैक होने की स्थिति में बैंकिंग जानकारी, निजी दस्तावेज, संपर्क सूची और अन्य महत्वपूर्ण डेटा भी साइबर अपराधियों के हाथ लगने की आशंका रहती है।
रेल कर्मचारियों का कहना है कि एपीके फाइल के जरिए हो रही इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि व्हाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से आई किसी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल न करें। ऐसी फाइल को तुरंत डिलीट करें और उसे किसी अन्य व्यक्ति या ग्रुप में शेयर करने से भी बचें।
गौरतलब है कि इससे पहले चक्रधरपुर की आरई कॉलोनी से जुड़े एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी संदिग्ध एपीके फाइल भेजे जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद कई लोगों के मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने तथा कथित तौर पर साइबर ठगी के प्रयास की शिकायतें सामने आई हैं। कई लोगों के अकाउंट से पैसे भी निकाले गए थे। अब रेलवे कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने से साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।





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