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राउरकेला रेलवे स्टेशन के पेड वेटिंग हॉल में जीएसटी पर सवाल! यात्री को पहले बिना जीएसटी रसीद दी, मांगने पर बदली गई पर्ची

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 32 मिनट पहले
  • 2 मिनट पठन

राउरकेला: राउरकेला रेलवे स्टेशन पर रेलवे की व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने स्टेशन परिसर में संचालित ठेका सेवाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्लेटफार्म संख्या-1 पर मौजूद उच्च श्रेणी पेड वेटिंग हॉल में एक रेल यात्री से बैठने के लिए एक घंटे के 15 रुपये शुल्क लिया गया। लेकिन जब यात्री ने इसकी रसीद मांगी तो ठेका कंपनी की ओर से दी गई रसीद में जीएसटी नंबर का उल्लेख नहीं था। रेल यात्री ने जब जीएसटी नंबर वाली रसीद की मांग की तो ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने बाद में एक दूसरी रसीद उपलब्ध कराई, जिसमें जीएसटी नंबर दर्ज था। इस पूरे मामले को लेकर यात्री ने पहले दी गई रसीद और बाद में दी गई जीएसटी वाली रसीद दोनों को रेलवे विभाग को ट्वीट कर स्टेशन पर हो रहे इस भरस्टाचार की जानकारी दी है।


दो अलग-अलग रसीद मिलने के बाद रेलवे स्टेशन पर संचालित इस ठेका सेवा की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं। रेल यात्रियों का कहना है कि यदि एक यात्री से शुल्क लेने के बाद पहले बिना जीएसटी वाली रसीद दी जा रही है, तो यह जांच का विषय है कि रोजाना कितने यात्रियों को इसी तरह की रसीद दी जा रही होगी।


मामला सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या राउरकेला रेलवे स्टेशन के पेड वेटिंग हॉल में यात्रियों से लिए जा रहे शुल्क में जीएसटी नियमों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं। रेलवे विभाग द्वारा इस मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। वहीं ठेका कंपनी द्वारा दी गई रसीद ने रेलवे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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