राउरकेला रेलवे स्टेशन का करोड़ों का शेड चार महीने में ही बदहाल, पहली बारिश में फटा तिरपाल; यात्रियों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
- Rahul
- 28 जून
- 2 मिनट पठन

राउरकेला: यात्रियों को धूप और बारिश से राहत देने के उद्देश्य से राउरकेला रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया शेड निर्माण के महज चार महीने बाद ही सवालों के घेरे में आ गया है। पहली ही बारिश और सामान्य हवा के बाद शेड की छत पर लगा तिरपाल फट गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर यात्रियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, शेड का निर्माण यात्रियों को हर मौसम में सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। लेकिन पहली बारिश का सामना करते ही तिरपाल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने फटे हुए तिरपाल को हटाकर नीचे रख दिया, जिससे शेड का बड़ा हिस्सा उपयोग के लायक नहीं रह गया।
शेड की बदहाल स्थिति देखकर यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब सार्वजनिक धन से करोड़ों रुपये खर्च कर कोई निर्माण कराया जाता है, तो उसकी गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि केवल चार महीने में शेड का इस तरह क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

यात्रियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी एजेंसी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो पहली ही बारिश में यह स्थिति नहीं बनती।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह शेड रेलवे के आईओडब्ल्यू (इंस्पेक्टर ऑफ वर्क्स) विभाग की निगरानी में बनाया गया था। उनका दावा है कि इससे पहले भी विभाग के कुछ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल शेड क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों को फिर से धूप और बारिश के बीच स्टेशन आने-जाने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब लोगों की नजर रेलवे प्रशासन पर है कि वह मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या केवल मरम्मत कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।





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