तत्काल टिकट की ‘जल्दबाजी’ बनी रिश्वतखोरी का जरिया, 500 रुपये लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार
- Rahul
- 17 घंटे पहले
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डीसा: तत्काल टिकट की जरूरत और यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर रिश्वत मांगना रेलवे के एक बुकिंग क्लर्क को भारी पड़ गया। बनासकांठा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने डीसा रेलवे स्टेशन पर तैनात मुख्य बुकिंग क्लर्क (तृतीय श्रेणी) सुरेश सोलंकी को 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
एसीबी के मुताबिक, क्लर्क ने दिल्ली जाने के लिए तत्काल आरक्षण टिकट बनवाने की प्रक्रिया के बदले यात्री से 500 रुपये की मांग की थी। रिश्वत देने से इनकार करने के बजाय यात्री ने मामले की शिकायत एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर कर दी।
शिकायत मिलते ही बनासकांठा एसीबी पुलिस स्टेशन के पीआई एलएस चौधरी ने टीम के साथ जाल बिछाया। योजना के तहत जैसे ही क्लर्क ने 500 रुपये स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।
एसीबी सूत्रों का कहना है कि तत्काल टिकट के लिए समय का दबाव होने के कारण कई यात्री रिश्वत की मांग का विरोध या शिकायत नहीं कर पाते। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर छोटी रकम से शुरू होने वाली वसूली बार-बार होने पर बड़ा भ्रष्टाचार बन सकती है।
इस कार्रवाई के बाद रेलवे बुकिंग व्यवस्था में यात्रियों से अतिरिक्त रकम मांगने वाले कर्मचारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एसीबी ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।





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