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वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरा, राज्य में कई कार्यक्रम ,स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी गीत से फांसी के फंदे को चूमा

7 नव. 2025

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न्यूज डेस्क

रांची ( RANCHI) : प्रदेश भाजपा ने भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गान कार्यक्रम को धूमधाम से आयोजित किया. कार्यक्रम की प्रदेश संयोजक प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह ने बताया कि आज प्रदेश भाजपा मुख्यालय रांची के अलावा रांची महानगर जिला,धनबाद,देवघर और दुमका में भी कार्यक्रम आयोजित कर सामूहिक वंदेमातरम गान कार्यक्रम संपन्न हुआ.

 

प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वंदे मातरम  गीत के 150 वीं वर्षगांठ पर झारखंड की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि भारत ने भले ही हजार वर्षों तक गुलामी के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन भारत की सांस्कृतिक चेतना अनवरत जागृत रही. देश के मनीषियों ने गीतों के माध्यम से भी इसे जागृत किया. इसी का परिणाम है कि 1875 में मां भारती के महान सपूत कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम की रचना की.

 

भारत के मनीषियों,ऋषि ,मुनियों ,चिंतकों,महापुरुषों, साधकों ने भारत की  पवित्र धरती में साक्षात दुर्गा,लक्ष्मी,और सरस्वती के दर्शन किए. और इसी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम गीत के रूप में लिपिबद्ध किया.

अन्याय अत्याचार के खिलाफ लड़ती भारत माता ही दुर्गा है,सम्पन्नता ही लक्ष्मी है और भारत का ज्ञान विज्ञान ही सरस्वती हैं. महर्षि अरविंद ,स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने ऐसी ही भारत माता के जीवंत अनुभव किए थे.

 प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि प्राचीन भारतीय भूभाग धरती का ऐसा विशिष्ट क्षेत्र है. जिसने धरती को मिट्टी का टुकड़ा नहीं बल्कि मातृ भूमि माना. धरती को माता का रूप माना. इसी भाव के कारण वंदे मातरम के स्वर फूटे. भारत की धरती वंदन की धरती है,अभिनंदन और पूजन की धरती है.भाजपा ने राष्ट्र प्रथम को अपना संकल्प बनाया है.

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि वंदेमातरम गीत नहीं बल्कि भारत माता की आराधना का एक जागृत मंत्र है.वन्दे मातरम और भारत माता की जय की भावना से ही विकसित भारत, आत्म निर्भर भारत,स्वाभिमानी भारत का स्वप्न साकार होगा.

प्रदेश कार्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सीपी सिंह ने कहा कि वन्दे मातरम गीत जागृत भारत, दिव्य भारत की वंदना है. जिसने भारत माता के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ मां के आध्यात्मिक भावों को भी पिरोया गया है.

 पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम पूर्व सांसद प्रो यदुनाथ पांडेय ने कहा कि भारत की भूमि पर जन्म लेने  केलिए देवता भी लालायित रहते हैं.आजादी के संघर्ष में वंदे मातरम गीत आजादी के दीवानों केलिए ताकत थी. लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदेमातरम गीत के साथ फांसी के फंदे को चूम लिया.

प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लगातार देश की सांस्कृतिक विरासत पर चोट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. वंदेमातरम गीत को भी कांग्रेस ने वोट बैंक और सांप्रदायिकता का शिकार बना दिया. कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम लीगवके दबाव में अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम गीत के गान पर रोक लगाई. कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री और कार्यक्रम के सह संयोजक मनोज महतो ने किया. सामूहिक वंदेमातरम गीत के गायन का नेतृत्व सुनीता सिंह,सीमा सिंह,राजश्री जयंती,शालिनी नायक,शिवपूजन पाठक ने किया.

कार्यक्रम में प्रदीप सिन्हा ,रमाकांत महतो,राफिया नाज,पवन साहू,अमरदीप यादव,राजू सिंह, बलराम सिंह,ऊषा पाण्डेय,सीमा शर्मा,रागिनी सिन्हा,प्रेम मित्तल, कमाल खान,लक्ष्मी चंद्र दीक्षित,उमा शंकर केडिया ,संदीप वर्मा,रमेश सिंह,माया सिंह सिसोदिया,प्रमोद पांडे,प्रमोद मिश्रा,वसंत मित्तल,योगेंद्र लाल, मनीष वैद्य तारिक इमरान, डॉ तान्या,संजय चौधरी,अनिल सिंह,संजय महतो सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए.

 

 

 

 

 

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