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तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने स्कूल पढ़ाने जा रही शिक्षिका को मारी टक्कर, हालत गंभीर, चाईबासा रेफर, रास्ते में मौत

  • लेखक की तस्वीर: Rahul
    Rahul
  • 2 घंटे पहले
  • 2 मिनट पठन

ग्राामीणों ने आक्रोशित होकर निश्चितंपुर मेंं चक्रधरपुर- गोइलकेरा मुख्य सड़क मार्ग किया जाम 



सोनुआ:: पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ में सोमवार सुबह सोनुआ चक्रधरपुर मुख्य सड़क पर निश्चितपुर स्कूल के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से घंटी आधारित शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया।


जानकारी के अनुसार, निश्चितपुर निवासी 23 वर्षीय वंदना महतो एसएस प्लस 2 हाई स्कूल सोनुआ में बच्चों को पढ़ाने के लिए जा रही थी। इसी दौरान चक्रधरपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं।


घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनुआ पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन चाईबासा ले जाने के क्रम में एंबुलेंस में ही शिक्षिका ने दम तोड़ दिया। वहीं इसकी सूचना मिलते ही ग्राामीणों ने आक्रोशित होकर निश्चितंपुर मेंं चक्रधरपुर- गोइलकेरा मुख्य सड़क मार्ग जाम कर दिया है। 


हादसे की सूचना मिलते ही सोनुआ पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर की पहचान कर उसके चालक की तलाश में जुट गई है। मामले की जांच जारी है।


इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में बेलगाम ट्रैक्टर संचालन पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नाबालिग या शराब के नशे में चालक चला रहे हैं। कई चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ही सड़कों पर तेज रफ्तार से ट्रैक्टर दौड़ाते नजर आते हैं और खुलेआम यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में होने वाले कई सड़क हादसों के पीछे ट्रैक्टरों की लापरवाही प्रमुख कारण बनती जा रही है। इसके बावजूद न तो ट्रैक्टरों के दस्तावेजों की नियमित जांच होती है और न ही चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, आयु अथवा फिटनेस की पड़ताल की जाती है।


लगातार हो रहे हादसों के बावजूद परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय समय पर ट्रैक्टरों की जांच, चालकों के लाइसेंस का सत्यापन और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, तो इस तरह की दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन सवाल वही है क्या सडकों पर मौत बनकर चल रही इन ट्रेक्टरों पर परिवहन विभाग की नजर नहीं है?

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