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पिता के बाद बेटी भी कैंसर की चपेट में,घर में छाया अंघेरा, मिला आपका साथ तो रौशन हो सकता है गरीब का घर

  • लेखक की तस्वीर: Upendra Gupta
    Upendra Gupta
  • 8 नव॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

न्यूज डेस्क

जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR ) : आदित्यपुर के सालडीह बस्ती में एक समय हंसी-खुशी से भरा रहने वाला मोहित लोहार का परिवार आज असहाय और दर्द से जूझ रहा है. जिंदगी की उम्मीदें मानो बुझती चली गईं. पहले पिता की दोनों आँखें कैंसर ने छीन लीं, और अब वही बीमारी उसकी मासूम बेटी की आँखों तक पहुंच गई.

मोहित लोहार, जो कभी अपनी छोटी सी दुकान से परिवार का पालन-पोषण करते थे, अब इलाज के बोझ तले दब चुके हैं. लगातार इलाज और दवाइयों में सब कुछ बेच देना पड़ा . यहाँ तक कि दुकान भी बंद करनी पड़ी. परिवार अब पूरी तरह कर्ज में डूब चुका है.


कुछ वर्ष पूर्व कैंसर के कारण मोहित की दोनों आँखें निकालनी पड़ीं. अभी परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि उनकी नन्ही बेटी की एक आँख भी कैंसर की चपेट में आ गई. इस दर्दनाक खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है.

परिवार की इस विकट परिस्थिति की जानकारी सुमिता होता फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानंद होता को मिलने पर उन्होंने मोहित से बात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया. उन्होंने कहा, “यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि इंसानियत अब आगे आए. हमें मिलकर इस परिवार को जीने की उम्मीद देनी होगी.”

सदानंद होता ने बताया कि मोहित और उनकी बेटी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी. साथ ही उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और समाज के संवेदनशील नागरिकों से अपील की है कि वे इलाज, आवास और भोजन जैसे खर्चों में मदद के लिए आगे आएं.

मोहित लोहार का परिवार आज अंधकार में है, लेकिन अगर समाज हाथ बढ़ाए, तो शायद यह अंधेरा फिर से रोशनी में बदल सकता है.


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